नेपाल के आंतरिक हालात को देखते हुए भारत ने नेपाल सीमा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। केंद्र सरकार ने नेपाल के साथ सीमा साझा करने वाले राज्यों को सीमाएं सील करने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। देहरादून में पुष्कर सिंह धामी ने पड़ोसी देश नेपाल के हालिया राजनीतिक हालात को ध्यान में रखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के तीन सीमांत जिलों चंपावत, पिथौरागढ़ और उधम सिंह नगर के जिला प्रशासन, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ समीक्षा बैठक की।
बैठक में नेपाल से लगी उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को लेकर संपूर्ण स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को नेपाल से लगी सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाने तथा वहां किसी भी असामाजिक या शरारती तत्व की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी तरह की अफवाह, भ्रामक सूचना या भड़काऊ सामग्री पर समय पर कार्रवाई की जा सके। सीएम धामी ने सीमांत जिला प्रशासन के अधिकारियों को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों, सीमा सुरक्षा बल के साथ लगातार संपर्क और समन्वय में काम करने के निर्देश दिए।
सीएम धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, स्थानीय ग्राम समितियों, पुलिस बल और वन विभाग के अधिकारियों की सामूहिक भागीदारी के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि सीमा पर प्रवेश मार्गों की नियमित निगरानी की जाए तथा सीमा पार आवाजाही पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के भी आदेश दिए।
बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों, सामुदायिक भागीदारी, खुफिया सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आनन्द वर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव (गृह), एडीजी कानून व्यवस्था, एडीजी इंटेलिजेंस, कुमाऊं मंडल आयुक्त, कुमाऊं क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक तथा चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तथा सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी भी उपस्थित थे।
नेपाल के सीमांत शहरों में भी आंदोलन
जानकारी के अनुसार काठमांडू में हुई घटनाओं का असर भारत से सटे नेपाली शहरों में भी देखने को मिला है। दार्चुला, बेताड़ी, कंचनपुर, ब्रह्मदेव मंडी, महेंद्रनगर आदि शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया गया।

















