गोरक्षपीठ में महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं और महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि पर जारी साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह 11 सितंबर, गुरुवार को संपन्न होगा। इस दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पूज्य गुरुदेव के विराट व्यक्तित्व का स्मरण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि देंगे।
सामाजिक समरसता के प्रतीक राष्ट्रसंत
महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का स्मरण सदैव एक ऐसे संत के रूप में होता है जिन्होंने सामाजिक समरसता को अपना जीवन ध्येय बनाया। श्रीराम मंदिर आंदोलन के नायक के रूप में उनकी पहचान आज भी सनातन समाज की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
धर्म और राजनीति में योगदान
नाथपंथ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए महंत अवेद्यनाथ ने पांच बार मानीराम विधानसभा और चार बार गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। धर्म और राजनीति को जोड़कर उन्होंने समाज की एकता और राम मंदिर आंदोलन को निर्णायक पड़ाव तक पहुंचाया।
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में नेतृत्व
महंत अवेद्यनाथ ने नब्बे के दशक में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को समग्र और निर्णायक मोड़ दिया। उन्होंने संतो, राजनीतिज्ञों और आमजन को एकजुट कर आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया। श्रीराम मंदिर निर्माण की नींव में उनका योगदान स्वर्णाक्षरों में दर्ज है।
जीवन परिचय और दीक्षा
18 मई 1919 को गढ़वाल के ग्राम कांडी में जन्में महंत अवेद्यनाथ का बचपन से ही अध्यात्म की ओर रुझान था। 8 फरवरी 1942 को गोरक्षपीठ में उनकी विधिवत दीक्षा हुई और 29 सितंबर 1969 को वह गोरखनाथ मंदिर के महंत व पीठाधीश्वर बने।
सामाजिक समरसता के अभियान
महंत अवेद्यनाथ ने जीवनभर छुआछूत और ऊंच-नीच की कुरीतियों को खत्म करने के लिए आंदोलन चलाया। उन्होंने दलित बस्तियों में सहभोज अभियान शुरू किया और काशी में डोमराजा के घर भोजन कर समाज में समरसता का संदेश दिया।
धर्म और आस्था पर विचार
महंतजी प्रभु श्रीराम और देवी दुर्गा के उदाहरण देकर सामाजिक एकता का संदेश देते थे। वह बताते थे कि श्रीराम ने शबरी के बेर खाकर, निषादराज को गले लगाकर और जटायु का अंतिम संस्कार कर समाज में समानता का आदर्श प्रस्तुत किया।
राजनीतिक जीवन और उपलब्धियां
महंत अवेद्यनाथ ने राजनीति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पांच बार विधानसभा और चार बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही वह अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष और महासचिव के रूप में भी सम्मानित हुए।
















