भुवनेश्वर: ओडिशा की मोहन माझी सरकार ने अपनी ड्राफ्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी 2025 जारी की है। इसमें राज्यभर में स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया गया है। इस मसौदे में विभिन्न श्रेणियों के ईवी पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक की वित्तीय प्रोत्साहन राशि का प्रस्ताव है। साथ ही यह नीति चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास, कौशल प्रशिक्षण और सरकारी स्तर पर ईवी को अपनाने पर भी विशेष जोर देती है।
यह नीति 31 दिसम्बर 2030 तक प्रभावी रहेगी और तब तक नए वाहन पंजीकरणों में कम से कम 50 फीसदी ईवी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती है। इसके अतिरिक्त, यह नीति ईवी क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर उत्पन्न करने और भारत के नेट ज़ीरो 2070 लक्ष्य में योगदान देने का भी उद्देश्य रखती है।
2021 की नीति से मिली सीख
ड्राफ्ट पॉलिसी 2021 की उस नीति के अनुभवों पर आधारित है, जिसमें 2025 तक 20% ईवी अपनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल लगभग 9 फीसदी ही हासिल हो पाया। पिछली नीति में प्रोत्साहन पर्याप्त नहीं थे और चार्जिंग सुविधाओं की कमी ने भी प्रगति धीमी की। नई 2025 ड्राफ्ट पॉलिसी को इस अंतर को भरने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें विशेषकर भारी उत्सर्जन वाले वाहनों जैसे बसों, ट्रकों और मालवाहक वाहनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही व्यक्तिगत और व्यावसायिक ईवी खरीदारों को भी समर्थन जारी रहेगा।

वाहन श्रेणियों के अनुसार प्रोत्साहन
मसौदे में खरीदारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में आकर्षक सब्सिडी का प्रस्ताव है। ई-रिक्शा और ई-कार्ट पर प्रति वाहन 20,000 रुपये की फ्लैट सब्सिडी मिलेगी, जबकि L5M और L5N श्रेणी के तीन पहिया वाहनों को 30,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। गैर-परिवहन चार पहिया वाहनों के लिए प्रति किलोवॉट-घंटा 10,000 रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जिसे अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक सीमित किया गया है।
परिवहन श्रेणी की कारों को सीधे 2 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। 3.5 टन तक के मालवाहक वाहनों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। इलेक्ट्रिक बसों के लिए एक्स-शोरूम मूल्य का 15 फीसदी तक सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी सीमा 20 लाख रुपये रखी गई है और 1,500 बसों तक इसका लाभ मिलेगा। इलेक्ट्रिक ट्रकों के लिए उनके वजन के अनुसार 5 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा, रेट्रोफिट किए गए दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को 2030 तक 25–30 फीसदी लागत की प्रतिपूर्ति मिलेगी।
चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर
ईवी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग सुविधाओं की अनिवार्यता पर विशेष ध्यान दिया गया है। मसौदे के अनुसार, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर स्थित सभी पेट्रोल पंपों तथा ओएसआरटीसी (OSRTC) के स्वामित्व वाले बस टर्मिनलों और स्टॉपेज पर कम से कम एक फास्ट चार्जिंग स्टेशन होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सरकार ने हाईवे पर चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) देने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही राज्य में पहले 100 सार्वजनिक बैटरी-स्वैपिंग स्टेशनों पर पूंजीगत सब्सिडी देने का भी प्रावधान है, जिससे दोपहिया और तीनपहिया वाहन मालिकों को सुविधा मिल सके।
मसौदा नीति में स्पष्ट किया गया है कि प्रोत्साहन केवल ओडिशा के स्थायी निवासियों को ही मिलेगा और प्रत्येक लाभार्थी एक वाहन श्रेणी में एक बार ही सब्सिडी का दावा कर सकेगा। सब्सिडी प्राप्त वाहनों का स्वामित्व पाँच वर्षों तक हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। साथ ही सभी वाहनों को परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित दक्षता मानकों को पूरा करना होगा और लिथियम-आयन जैसी उन्नत बैटरी तकनीक का उपयोग अनिवार्य होगा।

सरकारी स्तर पर ईवी को अपनाने की योजना
नीति के अनुसार, अंतिम अधिसूचना के छह माह के भीतर सभी सरकारी दफ्तरों के वाहनों को ईवी से बदलना होगा। वहीं, स्कूल बसें, एम्बुलेंस और पुलिस पेट्रोलिंग वाहन (पीसीआर वैन) 12 माह के भीतर ईवी से प्रतिस्थापित किए जाएंगे। पर्यटक स्थलों, पार्कों और नौकायन सुविधाओं में उपयोग होने वाले वाहनों को भी चरणबद्ध तरीके से ईवी या सोलर-हाइब्रिड मॉडल में बदलना अनिवार्य होगा। इन सबकी निगरानी और क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित करने का प्रस्ताव है।
कौशल विकास पर विशेष ध्यान
ड्राफ्ट नीति में ईवी इकोसिस्टम को सक्षम बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष बल दिया गया है। इसके तहत राज्य तकनीकी शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCTE&VT) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक कम से कम 500 प्रशिक्षित पेशेवर तैयार किए जाएं, जो ईवी निर्माण, सेवा, बैटरी प्रबंधन और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल कर सकें।
लोगों से सुझाव आमंत्रित
ड्राफ्ट ईवी पॉलिसी को आधिकारिक रूप से ओडिशा राजपत्र में प्रकाशित किया गया है। सरकार ने आम जनता और उद्योग हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव आमंत्रित किए हैं। सुझाव ईमेल, डाक या व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किए जा सकते हैं। अंतिम नीति में प्रासंगिक प्रतिक्रियाओं को शामिल किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह ड्राफ्ट ओडिशा में ईवी अपनाने की प्रक्रिया को गति देने और लंबे समय तक टिकाऊ स्थानीय क्षमता विकसित करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।”

















