नई दिल्ली: नेपाल में युवाओं के आक्रोश ने राजनीतिक उथल-पुथल पैदा कर दी है। Gen-Z के उग्र विरोध प्रदर्शन के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। राजधानी काठमांडू में नेपाली सेना गश्त कर रही है। देश में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। इससे पहले हिंसक हुई युवाओं की भीड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों के घरों को आग के हवाले कर दिया था। संसद, कोर्ट और कई सरकारी इमारतों में भी आगजनी की गई थी।
सेना प्रमुख की Gen-Z से समाधान के लिए बातचीत की अपील
नई सरकार के गठन तक सेना के हाथ में कमान है। सेना ने देश में शांति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभाल ली है। सेना का कहना है कि तोड़फोड़, लूट या किसी व्यक्ति पर हमले की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत की अपील की है। 58 साल के सिगडेल ने कल रात राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शनकारी समूह से अपील करते हैं कि वे अपने विरोध कार्यक्रमों को रोकें और देश के लिए शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत के लिए आगे आएं।

उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान कठिन परिस्थितियों को सामान्य बनाने, अपनी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय धरोहरों, सार्वजनिक और निजी संपत्ति की रक्षा करने और आम जनता तथा राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। नेपाल के इतिहास की शुरुआत से ही, नेपाली सेना कठिन परिस्थितियों में भी नेपाल की स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता और नेपाली लोगों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। युवाओं के प्रदर्शन ने दो दिन में ही नेपाल की राजनीति में उथल-पुथल पैदा कर दी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में 19 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने के बाद युवाओं का आक्रोश और ज्यादा बढ़ गया था।
प्रदर्शन के दौरान मारे गए युवाओं को शहीद का दर्जा देने की मांग
वहीं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वाले सभी लोगों को आधिकारिक तौर पर शहीद का दर्जा दिया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन किसी पार्टी या व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए है। शांति जरूरी है, लेकिन यह एक नई राजनीतिक व्यवस्था की नींव पर ही संभव है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिगदेल दोनों ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है।

















