पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हाल ही में आई बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है। कई परिवार बेघर हो गए हैं, कुछ ने अपने प्रियजनों को खो दिया है और हजारों लोग पलायन करने को मजबूर हुए हैं। जहां सरकारें राहत कार्यों में लगी हुई हैं, वहीं एक बार फिर इस विकट परिस्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और सेवा भारती के कार्यकर्ता मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए निस्वार्थ भाव से राहत व बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। वे इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।
हिमाचल में आरएसएस, सेवा भारती कार्यकर्ताओं का राहत कार्य
हिमाचल प्रदेश इन दिनों भीषण बारिश और बादल फटने की घटनाओं से जूझ रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल सैकड़ों जिंदगियां लील लीं, बल्कि असंख्य परिवारों को बेघर कर दिया। कई लोग अपने खेत-खलिहान और जीवन-भर की पूंजी खो बैठे हैं।

इस दौरान यहां चाहे राहत सामग्री पहुंचाना हो, फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक ले जाना हो, या भूखे-प्यासे प्रभावितों के लिए चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था करनी हो, स्वयंसेवक व सेवा भारती के कार्यकर्ता हर स्तर पर तत्पर हैं। कई स्थानों पर आपातकालीन लंगर और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। हिमाचल प्रांत सेवा प्रमुख महेन्द्र के अनुसार इस समय प्रतिदिन लगभग 475 कार्यकर्ता प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 68 स्थायी सेवा कार्य केन्द्र कार्यरत हैं।
मंडी में लगाया बेस कैंप, प्रभावितों को दी राहत सामग्री

सेवा भारती के कार्यकर्ताओं ने मंडी के बाड़ा और IPH रेस्ट हाउस में शरण लिए प्रभावित परिवारों को भोजन, राशन और अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की। इसके अलावा पीड़ितों की सहायता के लिए थुनाग (सराज, मंडी) में राहत सेवा बेस कैंप स्थापित किया है। सेवा भारती के कार्यकर्ता प्रभावित गांवों में जाकर पीड़ित परिवारों को राशन, भोजन सामग्री, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता प्राकृतिक आपदा की पहली ही रात से राहत कार्यों में जुटे हुए हैं और बाढ़ग्रस्त एवं भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात सेवा कार्य कर रहे हैं।
मंडी के थलौट में पांच पीड़ित परिवारों की मदद की

मंडी में थलौट के फागू गांव में पांच पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई।
सेवा भारती हिमाचल प्रांत और स्वयंसेवकों ने 1 अगस्त 2025 की शाम को मंडी जिला की तहसील के अंतर्गत आने वाले थलौट के फागू गांव में भूस्खलन में प्रभावित पांच परिवारों को राशन, बर्तन, बिस्तर, कपड़े, कंबल, तिरपाल, बाल्टियां इत्यादि आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करवाई। जिन तीन परिवारों के घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, उन्हें अतिरिक्त राहत दी गई, जबकि अन्य दो परिवारों को भी तत्काल उपयोगी सामग्री सौंपी गई।
600 से अधिक परिवारों को सामग्री पहुंचाई

सेवा भारती करसोग द्वारा छतरी में प्रभावित लोगों की सेवा करते हुए वहां पर बर्तन, बिस्तर, भोजन इत्यादि की सुविधा दी गई। इसी तरह सेवा भारती हिमाचल प्रदेश के कार्यकर्ताओं ने थुनाग व उसके आसपास की लगभग 13 पंचायतों में 600 से अधिक परिवारों को सामग्री पहुंचाई। इसी तरह मंडी जिला के सरकाघाट उपमंडल के अंतर्गत आने वाले बकारटा के गध्याणी गांव में जिस परिवार का कच्चा मकान जमींदोज हो गया था, उस बेघर परिवार की सेवा भारती संस्था ने सहायता की। प्रभावित परिवार को राशन, और जरूरी सामान वितरित किया।
कांगड़ा में 350 परिवारों को दवाइयां वितरित की गई

कांगड़ा के नूरपुर में सेवा भारती एवं संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रभावितों को न केवल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, बल्कि उन्हें भोजन, दवाई और आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करा रहे हैं। नूरपुर के मंड क्षेत्र में स्वयंसेवकों ने कई परिवारों को सुरक्षित निकाला और उन्हें राहत शिविरों तक पहुंचाया। केवल नूरपुर ही नहीं, बल्कि मंडी, चंबा, कुल्लू, रामपुर, शिमला और लाहौल जैसे प्रभावित जिलों में भी सेवा भारती और संघ के कार्यकर्ता दिन-रात बिना रुके कार्य कर रहे हैं। वही कांगड़ा के इंदौरा क्षेत्र में 350 परिवारों को दवाएं वितरित करने के साथ चेकअप भी करवाया गया।
ऊना में प्रभावितों के लिए राहत सामग्री भेजी

संघ के स्वयंसेवकों ने विभिन्न स्थानों से खाद्य सामग्री, कपड़े, कंबल, दवाइयां व अन्य जरूरी वस्तुएं एकत्र कर पैकिंग की और सेवा भारती के माध्यम से ऊना भेजी। यह राहत सामग्री वहां के जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जाएगी, जो प्राकृतिक आपदा के चलते कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसी तरह कुल्लू, बिलासपुर में भी जरूरतमंदों की मदद की गई।
टापरी में फंसे 250 लोगों का सहारा बनी सेवा भारती

जिला किन्नौर के टापरी क्षेत्र में लैंडस्लाइड के कारण सड़कें पूरी तरह से बंद हो गईं,, जिससे करीब 250 से अधिक लोग फंस गए। सेवा भारती किन्नौर इस मुश्किल घड़ी में उनकी सहारा बनी और तुरंत भंडारे की व्यवस्था शुरू की, ताकि कोई भी भूखा न रहे। यह भंडारा निरंतर चल रहा है।

















