नई दिल्ली: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ट्रंप के सुर में सुर मिलाया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर लगाए गए टैरिफ को सही बताया है। जेलेंस्की ने ट्रंप के टैरिफ का समर्थन करते हुए इसे सही विचार बताया है। उन्होंने यह बात अपने एक इंटरव्यू में कही है। जेलेंस्की ने मास्को के ऊर्जा व्यापार को यूक्रेन के खिलाफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि रूस के ऊर्जा निर्यात को रोका जाना चाहिए।
भारत के रूस से तेल खरीदने पर क्या बोले जेलेंस्की?
चीन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हाल ही में हुई बैठक के बारे में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने कहा कि मुझे लगता है कि रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाना सही विचार है। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया है। इसमें भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। हालांकि भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को अनुचित और अतार्किक बताया है। साथ ही भारत ने यह भी साफ कर दिया है कि ट्रंप के टैरिफ की धमकी के आगे देश नहीं झुकेगा।
भारत कर रहा यूक्रेन में शांति की अपील और जेलेंस्की ‘बगावत’?
भारत लगातार यूक्रेन में शांति की अपील करता आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यूक्रेन और रूस युद्ध का शांतिपूर्ण और स्थाई हल की बात कह चुके हैं। लेकिन जेलेंस्की ने ट्रंप के टैरिफ का समर्थन कर भारत के खिलाफ बगावती सुर अख्तियार कर लिए हैं। जहां एक तरफ ट्रंप प्रशासन में ही उनके टैरिफ की आलोचना हो रही है, दूसरी तरफ अब यूक्रेन इसका समर्थन कर रहा है।
जेलेंस्की ने ने मास्को के साथ ऊर्जा व्यापार जारी रखने के लिए यूक्रेन के यूरोपीय साझेदारों पर भी हमला बोला है। उनका कहना है कि हम सभी समझते हैं कि हमें पुतिन पर अतिरिक्त दबाव की जरूरत है। हमें संयुक्त राज्य अमेरिका से दबाव की जरूरत है। उनका कहना है कि कुछ यूरोपीय देश भी रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखे हुए हैं। यह उचित नहीं है। रूस से किसी भी प्रकार की ऊर्जा खरीद को बदं करना होगा। मुझे लगता है कि रूस के साथ सौदे जारी रखने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का विचार सही है।
मास्को में बातचीत के निमंत्रण को जेलेंस्की ने किया अस्वीकार
जेलेंस्की ने पुतिन के मास्को में बातचीत के निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने रूस को हथियारा बताया और कहा कि हत्यारे को रोकने का सही तरीका है, उसका हथियार उतारना और ऊर्जा रूस का हथियार है।अलास्का में ट्रंप के साथ हाल ही में हुई मुलाकात के दौरान अमेरिका में पुतिन के भव्य स्वागत के बारे में पूछे जाने पर जेलेंस्की ने इसे अफसोस की बात बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन वहां नहीं था, ट्रंप ने पुतिन को वो दिया जो वो चाहते थे। वह अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे और सबको दिखाना चाहते थे कि वह वहां मौजूद हैं। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मास्को में बातचीत के निमंत्रण को भी अस्वीकार कर दिया और कहा कि पुतिन कीव आ सकते हैं। जब मेरा देश मिसाइलों की जद में है, मैं मास्को नहीं जा सकता।

















