गत दिनों नई दिल्ली में चित्रकार आनंद नारायण को चित्रकला के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनकी पेंटिंग ‘कण-कण में हैं राम’ के लिए दिया। इस कृति में आध्यात्मिक नगरी अयोध्या जी की भव्यता को दर्शाया गया है।
आनंद नारायण बताते हैं, “2024 में दुनिया की सबसे बड़ी घटना अयोध्या में घटी, जहां भगवान श्रीराम के मंदिर का उद्घाटन हुआ। इस विषय को केंद्र में रखकर अयोध्या नगरी की पेंटिग बनाई। उसमें मंदिर और अन्य स्थानों को चित्रित किया गया है।”
पुरस्कृत चित्र के शुरुआती चिंतन को लेकर श्री नारायण दो पंक्तियां सुनाकर मंत्रमुग्ध कर देते हैं- ‘जिससे हो हर रोज दिवाली, ऐसा दीया दिला दो राम। दीया तले अंधेरे को भी, अबकी बार जला दो राम।’ आनंद नारायण समकालीन भारतीय कला के क्षेत्र में अपने प्रयोगों और सृजनात्मक विविधता, नवीनता के लिए पहचाने जाने वाले कलाकार हैं।
उन्होंने कला महाविद्यालय लखनऊ से स्नातक (बी.एफ.ए.) और जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से स्नातकोत्तर (एम.एफ.ए.) की शिक्षा प्राप्त की है। श्री नारायण की एक चित्रकार के रूप में लंबी यात्रा है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगभग पचास से अधिक सामूहिक चित्रकला प्रदर्शनियों में भागीदारी से इनके चित्रों को विस्तार मिला है। इनकी शैलीगत पहचान स्थापित हुई है।
इन दिनों नई दिल्ली में राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी चल रही है। इसके लिए 5,922 कलाकारों ने आवेदन दिए थे, जिनमें से 283 के चित्रों का चयन किया गया। उन 283 में से 20 चित्रकारों को सम्मानित किया गया। ये कलाकार विभिन्न विधाओं के हैं, जैसे-चित्रकला, मूर्तिकला, रेखांकन, ग्राफ़िक, छायाचित्र, मिक्स मीडिया आदि।

















