ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने गुरुवार को जीएसटी परिषद द्वारा लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों का स्वागत किया और इसे राज्य के किसानों, तेंदू पत्ता संग्राहकों, छोटे व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा लाभकारी कदम बताया। गुरुवार को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “विकसित भारत 2047” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि व्यापक कर सुधार न केवल राष्ट्रीय आर्थिक विकास को गति देंगे बल्कि ओडिशा जैसे कृषि प्रधान राज्य की विशिष्ट आजीविका आवश्यकताओं को भी पूरा करेंगे, जहां लाखों परिवार तेंदू पत्ते और कृषि पर निर्भर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद ने आम आदमी के कर बोझ को कम करने, ग्रामीण आय बढ़ाने और पारदर्शी एवं समावेशी अर्थव्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरें कम करने तथा कुछ क्षेत्रों में पूर्ण कर छूट देने के निर्णय से नागरिकों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा तेंदू पत्ते पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में लाखों आदिवासी और ग्रामीण परिवार तेंदू पत्ता संग्रहण से अपनी आजीविका चलाते हैं। उन्होंने कहा कि कर में इस कमी से बिक्री बढ़ेगी, उचित मूल्य सुनिश्चित होगा, सरकारी एजेंसियों से समय पर भुगतान मिलेगा और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
किसानों के लिए लाभों पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य ओडिशा को कृषि उपकरणों पर जीएसटी दरों में कमी से बड़ा फायदा होगा। इसमें सिंचाई पंप, रोलर, ट्रैक्टर, टायर तथा उर्वरकों के लिए कच्चे माल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम उत्पादन लागत घटाएगा, किसानों का बोझ कम करेगा, उत्पादकता बढ़ाएगा और अंततः राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा को मजबूत करेगा। यह ग्रामीण आय बढ़ाने और ओडिशा की कृषि वृद्धि में सहायक होगा। माझी ने स्वास्थ्य और जीवन बीमा सेवाओं को जीएसटी से मुक्त करने के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने इसे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि इससे लोग बीमा कवर लेने के लिए प्रेरित होंगे और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ेगी। इसके साथ ही जीवनरक्षक दवाओं पर जीएसटी में कमी को उन्होंने गरीब और निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सस्ती स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कर ढांचे के सरलीकरण की भी सराहना की। जीएसटी परिषद ने 12 प्रतिशत और 28 प्रतिशत दरों को समाप्त कर केवल 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत श्रेणियां रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते 150 से अधिक दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर दरें घटेंगी। इनमें कपड़े और ₹2,500 तक के जूते-चप्पल, डेयरी उत्पाद, प्रोसेस्ड फूड, टूथपेस्ट, साइकिल, छाते, शैम्पू, बाल तेल, शेविंग क्रीम, घरेलू सामान, पैक्ड नमकीन और मिठाइयाँ शामिल हैं। वहीं पैक्ड पनीर, पेंसिल, रबर, नक्शे और एटलस को पूरी तरह करमुक्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा ये सुधार विशेष रूप से मध्यम और निम्न आय वर्गीय परिवारों के घरेलू खर्च को कम करेंगे और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे। अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में पैकेज्ड स्नैक्स और मिठाइयों पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करना, सीमेंट पर कर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना और छोटे कारों, दोपहिया तथा तिपहिया वाहनों पर कर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से मध्यमवर्गीय परिवारों, गृह-खरीदारों और उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्टार्ट-अप्स के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को और सरल बनाया गया है। अब जिन छोटे उद्यमियों का मासिक कर दायित्व ₹2.5 लाख से कम होगा, उनके आवेदन तीन दिनों के भीतर स्वतः स्वीकृत हो जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहित करेगा और ओडिशा के बढ़ते स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि पान मसाला, बीड़ी और तंबाकू उत्पादों को छोड़कर अन्य सभी वस्तुओं पर से क्षतिपूर्ति उपकर हटा दिया जाएगा। इसे उन्होंने एक सराहनीय कदम बताया जो उद्योगों की लागत कम करेगा और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने ओडिशा की ओर से इन ऐतिहासिक सुधारों को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ये सुधार केवल कर दरों का सरलीकरण नहीं हैं। ये किसानों को सशक्त बनाने, छोटे व्यापारियों को सहयोग देने, मध्यमवर्ग को राहत पहुंचाने और राष्ट्रीय विकास को गति देने का प्रयास हैं। ओडिशा की जनता की ओर से मैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी और जीएसटी परिषद का हृदय से आभार प्रकट करता हूँ। उल्लेखनीय है कि नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी, जो नवरात्रि के शुभारंभ के साथ भारत की आर्थिक यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत होगी।

















