देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक संवाद के तहत वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांग शादी अनुदान एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का सॉफ्टवेयर लॉन्च किया एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत दी जा रही पेंशन की इस वित्तीय वर्ष की 5वीं किश्त का ऑनलाइन भुगतान किया।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि दिव्यांग युवक-युवती से विवाह करने पर प्रोत्साहन अनुदान धनराशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये किया जाएगा। दिव्यांग छात्रवृत्ति योजनांतर्गत कक्षा 1 से 8 तक के दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति हेतु आय सीमा को समाप्त किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के सभी जनपदों में वृद्धाश्रम की व्यवस्था की जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के आशीर्वाद को बताया ऊर्जा का स्रोत
मुख्यमंत्री धामी ने वरिष्ठ नागरिक एवं दिव्यांगजनों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही उन्हें राज्य के मुख्य सेवक के रूप में कार्य करने की ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ तभी सही मायनों में मिलता है जब वे जमीनी स्तर तक पारदर्शिता और ईमानदारी से पहुंचें और लाभार्थी महसूस करें कि सरकार ने उनकी ज़िंदगी आसान बनाई है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहे प्रयास
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के सशक्तिकरण के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने “विकलांग” की जगह “दिव्यांग” शब्द अपनाकर आत्मसम्मान का संचार किया। साथ ही दिव्यांग सशक्तिकरण अधिनियम 2016, सुगम्य भारत अभियान, ए.डी.आई.पी. योजना और अन्य योजनाओं के माध्यम से व्यापक काम किया जा रहा है।
राज्य में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 96 हज़ार से अधिक दिव्यांगजनों को पेंशन दी जा रही है। 18 वर्ष से अधिक आयु के 86 हज़ार से अधिक दिव्यांगजनों को 1500 रुपये मासिक पेंशन दी जा रही है, जबकि 18 वर्ष से कम आयु के 8 हज़ार से अधिक बच्चों को 700 रुपये मासिक सहायता दी जा रही है। साथ ही तीलू रौतेली पेंशन और बौना पेंशन के तहत पात्र व्यक्तियों को 1200 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।
दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना और पारदर्शिता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दिव्यांग व्यक्ति से विवाह करने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। आज इस योजना से जुड़े सॉफ्टवेयर के लोकार्पण से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र और वृद्धाश्रम
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में देहरादून में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र का शुभारंभ हुआ है, जहां दिव्यांग बच्चों को Early Intervention की सुविधा मिलेगी। भविष्य में सभी जनपदों में ऐसे केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 6 लाख वृद्धजनों को डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। प्रदेश के कई जिलों में वृद्धाश्रम संचालित हैं और नए भवन निर्माणाधीन हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है। इसके अंतर्गत बुजुर्ग अपने बच्चों या कानूनी उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि उनका सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
कार्यक्रम में शामिल हुए गणमान्य
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजानदास, सविता कपूर, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, उपाध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद नवीन वर्मा, श्रीमती शांति मेहरा, सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अदह्यांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, निदेशक समाज कल्याण चन्द्र सिंह धर्मशक्तू और निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया उपस्थित रहे।

















