वजीराबाद पुल के समीप स्थित हिंदू बस्ती, जहाँ हमारे वे भाई-बहन निवास करते हैं जो विभाजन के समय पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए थे, आज हम एक भयानक संकट का सामना कर रहे हैं। वर्तमान में यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण यह समस्त बस्ती जलमग्न हो गई है, जिससे लगभग 800-1000 परिवारों का संपूर्ण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उनके पास न तो खाने के लिए राशन है, न पहनने के लिए वस्त्र, न सोने के लिए बिस्तर और न ही दवाइयों जैसी जीवन रक्षक आवश्यकताएँ। इस संकट ने उन्हें पूरी तरह बेसहारा कर दिया है। ऐसे समय में हमारा नैतिक, मानवीय और सामाजिक कर्तव्य बनता है कि हम आगे आकर इन पीड़ित परिवारों की हरसंभव सहायता करें।
आप सभी सज्जनों से करबद्ध प्रार्थना है कि आप राशन, वस्त्र, बिस्तर, दवाइयां या आर्थिक सहयोग के रूप में जो भी संभव हो, उसे विश्व हिंदू परिषद सेवा आयाम के माध्यम से भेजें, ताकि यह सहायता व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से इन जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाई जा सके। आपकी हर संभव सहायता इन पीड़ित परिवारों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध होगी। आइए, हम सब मिलकर अपने विस्थापित हिंदू भाइयों के जीवन में आशा की किरण जगाएं।

















