अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा भारत पर मनमाने तरीके से 50 फीसदी टैरिफ लगाने के मामले में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा संदेश दिया है। दो टूक कहा कि कहा कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है और उसके साथ सेमीकंडक्टर का भविष्य बनाने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन कॉन्फ्रेंस में दिया, जहां उन्होंने भारत की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। सेमीकंडक्टर, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का दिल माने जाते हैं, आज के डिजिटल युग में बेहद महत्वपूर्ण हैं। पीएम मोदी का यह दावा भारत के लिए एक नई दिशा और अवसरों का संकेत देता है।
सेमीकंडक्टर का महत्व
सेमीकंडक्टर चिप्स हर उस डिवाइस में होते हैं, जिन्हें हम रोज़ इस्तेमाल करते हैं—मोबाइल फोन, लैपटॉप, कार, टीवी और यहां तक कि मेडिकल उपकरण भी। पीएम मोदी ने कहा कि ये चिप्स न सिर्फ तकनीक का आधार हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी जरूरी हैं। वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी ने भारत जैसे देशों के लिए अपने पैर जमाने का मौका दिया है।
भारत की तैयारियां
मोदी ने बताया कि भारत सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन शुरू किया है, जिसके तहत देश में चिप निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अरबों रुपये का निवेश किया जा रहा है। गुजरात, उत्तर प्रदेश और असम जैसे राज्यों में नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। साथ ही, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे इस हाई-टेक इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकें।
वैश्विक सहयोग और निवेश
पीएम ने यह भी कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम दुनिया भर की कंपनियों को आकर्षित कर रहा है। अमेरिका, जापान और ताइवान जैसे देशों की टेक कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं। इसके अलावा, भारत सरकार ने कंपनियों को सब्सिडी और इंसेंटिव्स देने की योजना बनाई है, ताकि वे यहां प्रोडक्शन शुरू करें।
आत्मनिर्भर भारत का सपना
मोदी ने जोर देकर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता न सिर्फ देश की जरूरतें पूरी करेगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी भारत को मजबूत बनाएगी। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक बड़ा कदम बताया।
















