बिहार चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस-आरजेडी और उसके सहयोगी दल एक मत में वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं और एनडीए पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। अब भाजपा की आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने कांग्रेस को उसी की भाषा में एक बार फिर से याद दिलाया है कि सोनिया गांधी किस प्रकार से 80 के दशक में भारत की नागरिकता हासिल करने से पहले ही वोटर लिस्ट में शामिल हो गई थीं। इसके साथ ही मालवीय ने वोट चोरी का आरोप लगा रहे कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेला के पास भी दो वोटर कार्ड होने का खुलासा किया है।
एक्स के जरिए मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी इन दिनों ज़ोर-शोर से “वोट चोरी” का शोर मचा रहे हैं, लेकिन उनकी अपनी पार्टी के लोग ही सवालों के घेरे में हैं। कांग्रेस के बड़े प्रवक्ता पवन खेड़ा, जो गांधी परिवार के करीबी होने का दम भरते हैं, अब दो सक्रिय वोटर आईडी (EPIC नंबर) के मालिक निकले हैं। ये दोनों वोटर आईडी दिल्ली के दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों—जंगपुरा और नई दिल्ली—में दर्ज हैं।
Rahul Gandhi screamed “Vote Chori” from the rooftops. But just like he forgot to mention that his mother, Sonia Gandhi, enlisted herself in India’s voter list even before becoming an Indian citizen, it has now emerged that Pawan Khera, Congress spokesperson—who never misses a… pic.twitter.com/IkGFlUhuWk
— Amit Malviya (@amitmalviya) September 2, 2025
पवन खेड़ा के पास हैं दो वोटर आईडी
अब सवाल ये है कि एक शख्स के पास दो वोटर आईडी कैसे, और क्या उन्होंने इसका गलत फायदा उठाया? पहली वोटर आईडी का विवरण है: पवन खेड़ा, पिता का नाम एच. एल. खेड़ा, EPIC नंबर XHC1992338, जंगपुरा विधानसभा (41), भाग संख्या 28 (निज़ामुद्दीन पूर्व), क्रम संख्या 929। दूसरी आईडी का ब्यौरा है: पवन खेड़ा, पिता का नाम एच. एल. खेड़ा, EPIC नंबर SJE0755967, नई दिल्ली विधानसभा (40), भाग संख्या 78 (काका नगर), क्रम संख्या 820। ये दोनों लोकसभा क्षेत्रों—पूर्वी दिल्ली और नई दिल्ली—के अंतर्गत आते हैं।
चुनाव आयोग अब इसकी जांच करेगा कि आखिर पवन खेड़ा के पास दो सक्रिय वोटर आईडी कैसे हैं, और क्या उन्होंने एक से ज़्यादा बार वोट डाला, जो कि चुनावी नियमों का साफ उल्लंघन है। पवन खेड़ा यहीं नहीं रुके। वो बिहार में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मतदाताओं को गुमराह करने और भारत की मज़बूत चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने की कोशिश में भी जुटे हैं। वो मतभेद पैदा करने की बातें कर रहे हैं, लेकिन खुद उनके दो वोटर आईडी का मामला उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। दूसरी तरफ, राहुल गांधी भी बेंगलुरु के महादेवपुरा में “वोट चोरी” के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्होंने शपथ पत्र के साथ कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की।
महाराष्ट्र में वोट चोरी के आरोपों को खारिज कर चुका है सुप्रीम कोर्ट
महाराष्ट्र में भी सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे ही गड़बड़ी के दावों को खारिज कर दिया है। कांग्रेस की पुरानी कहानी भी कुछ साफ नहीं। कहा जाता है कि सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर लिस्ट में नाम दर्ज करा लिया था। अब पवन खेड़ा का ये दो वोटर आईडी वाला मामला सामने आने से कांग्रेस की मंशा पर और सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग कहते हैं कि कांग्रेस ने लंबे समय से अवैध घुसपैठियों और गैर-भारतीयों को वोटर बनाकर जनादेश चुराने की कोशिश की है। अब जब चुनाव आयोग सख्ती से जांच कर रहा है, तो शायद कांग्रेस को डर है कि उनकी पोल खुल जाएगी।

















