नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूक्रेन में शांति का रास्ता खोजना पूरी मानवता की पुकार है। हम यूक्रेन में जारी संघर्ष पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।
संघर्ष खत्म कर शांति का रास्ता खोजा जाना चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ेंगे। संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजा जाना चाहिए। उन्होंने आगे रूस के राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव होता है, ऐसा मैं हमेशा महसूस करता हूं। हमें कई विषयों पर जानकारी साझा करने का मौका मिलता है। हम लगातार संपर्क में रहते हैं।
भारत-रूस का सहयोग वैश्विक शांति के लिए अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक में रुस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि 140 करोड़ भारतीय आपके लिए इस साल दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हमारे विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है। भारत और रूस हमेशा सबसे कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं। हमारा सहयोग न सिर्फ दोनों देशों के लिए है बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी अहम है।
अमेरिका ने कहा- भारत और हमारे संबंध 21वीं सदी के लिए निणार्यक
चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग से गले मिलने और हाथ मिलाने की तस्वीरें खूब वायरल हो रही है। वैश्विक स्थर पर इन तस्वीरों का गूढ़ मतलब निकाला जा रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के एक प्रमुख सदस्य का भी इसी वक्त बयान आया है। उन्होंने नई दिल्ली-वाशिंगटन डीसी संबंधों को “21वीं सदी का निर्णायक संबंध” करार दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अमेरिकी दूतावास ने रुबियो के हवाले से कहा कि इस महीने, हम उन लोगों, प्रगति और संभावनाओं पर प्रकाश डाल रहे हैं जो हमें आगे बढ़ा रहे हैं। नवाचार और उद्यमिता से लेकर रक्षा और द्विपक्षीय संबंधों तक, यह हमारे दोनों देशों के लोगों के बीच स्थायी मित्रता ही है जो इस यात्रा को गति प्रदान करती है। यह बयान एससीओ से इतर प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात से कुछ मिनट पहले आया।

















