PM Modi Japan visit: भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दो दिवसीय दौरे पर टोक्यो पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर आज (30 अगस्त, 2025) अंतिम दिन है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान की सबसे तेज बुलेट ट्रेन से सेंडाई पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने 16 जापानी प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात की। इस मुलाकात का मकसद भारत और जापान के बीच राज्य-प्रांत स्तर पर सहयोग को और मजबूत करना था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह मुलाकात भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम थी। पीएम मोदी ने इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक, पर्यटन, कौशल, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही।
राज्य-प्रांत साझेदारी पहल का जोर
पीएम मोदी ने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में शुरू की गई ‘राज्य-प्रांत साझेदारी पहल’ पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह पहल दोनों देशों के राज्यों और प्रांतों के बीच सहयोग को बढ़ाने का एक शानदार मौका है। उन्होंने जापानी गवर्नरों और भारतीय राज्य सरकारों से विनिर्माण, गतिशीलता, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे, नवाचार, स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों में मजबूत साझेदारी बनाने का आग्रह किया। पीएम ने यह भी बताया कि जापान के प्रत्येक प्रांत की अपनी आर्थिक और तकनीकी ताकत है, जबकि भारतीय राज्यों की अपनी अनूठी क्षमताएं हैं। इस तालमेल को भारत की विकास गाथा में शामिल करने की अपील उन्होंने की।
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तकनीक, नवाचार और कौशल पर फोकस
मुलाकात में तकनीक, नवाचार, निवेश, कौशल विकास, स्टार्टअप और छोटे-मध्यम उद्यमों (SMEs) पर चर्चा केंद्रित रही। पीएम मोदी ने कहा कि जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा का मेल दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने युवाओं और कौशल के आदान-प्रदान पर जोर देते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के बीच रिश्ते और गहरे होंगे। जापानी गवर्नरों ने भी माना कि उप-राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग से व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क को अगले स्तर पर ले जाया जा सकता है।
सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों की मजबूती
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत-जापान के बीच प्राचीन सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र किया और कहा कि ये रिश्ते आज भी उतने ही मजबूत हैं। उन्होंने टोक्यो और दिल्ली से इतर अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया। इस मुलाकात में जापान के प्रांतों और भारतीय राज्यों के बीच पहले से मौजूद साझेदारियों, जैसे आंध्र प्रदेश-तोयामा, तमिलनाडु-एहिमे, उत्तर प्रदेश-यामानाशी और गुजरात-शिज़ुओका, को और मजबूत करने की बात हुई।

















