जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत के अपने तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं। इस दौरान वे भारत-जापान के 16वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने एक्स पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत और जापान के बीच विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
शिखर वार्ता और एजेंडा
पीएम ताकाइची प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर स्तर की बातचीत करेंगी। दोनों नेता पूरे द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे और आपसी हित के क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन में आर्थिक जुड़ाव बढ़ाने, सामरिक समन्वय मजबूत करने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर खास ध्यान रहेगा। दोनों देश मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्थिक सुरक्षा के साथ ही निवेश और इनोवेशन के मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी काफी चर्चा होने की उम्मीद है।
इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन और कनेक्टिविटी
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों देश बंगाल की खाड़ी को भारत के पूर्वोत्तर से जोड़ने वाली “इंडस्ट्रियल वैल्यू चेन” विकसित करने पर विचार कर रहे हैं। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
बिजनेस फोरम और अन्य प्रस्ताव
सनाए ताकाइची भारत-जापान बिजनेस फोरम में भी शामिल होंगी और बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगी। इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर सहयोग, ओडिशा में बड़ा ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट, बायोगैस में विस्तारित सहयोग और पॉवर एशिया के जरिए क्षेत्रीय लचीलेपन को बढ़ाने पर जोर रह सकता है।












