भारत में अधिकतर नौकरीपेशा लोगों का एक प्रॉविडेंट फंड (PF) खाता होता है। यह खाता एक तरह की बचत का माध्यम होता है, जिसमें हर महीने आपकी सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा जमा होता है। इसके साथ ही आपकी कंपनी भी उतनी ही रकम PF खाते में जमा करती है। यानी हर महीने कुल मिलाकर आपकी सैलरी का 24 प्रतिशत PF खाते में जमा होता है। इस पैसे पर सरकार की ओर से हर साल ब्याज भी मिलता है, और ये ब्याज कंपाउंडिंग यानी चक्रवृद्धि के आधार पर जुड़ता है, जिससे आपकी बचत लगातार बढ़ती जाती है। यही वजह है कि PF को भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत साधन माना जाता है।
नौकरी बदलने पर PF का क्या करना चाहिए- जब लोग नई नौकरी में जाते हैं, तो उनके मन में PF खाते को लेकर कई सवाल आते हैं। अक्सर लोग सोचते हैं कि अब जब नौकरी बदल गई है, तो पुराने PF खाते से पैसा निकाल लेना ही ठीक रहेगा। कई बार आर्थिक तंगी या पैसों की तुरंत जरूरत की वजह से भी लोग अपना PF निकाल लेते हैं। हालांकि ऐसा करना लंबी अवधि में नुकसानदायक साबित हो सकता है।
PF पैसा जल्दी निकालने से क्या नुकसान होता है- PF पर मिलने वाला ब्याज कंपाउंडिंग के रूप में जुड़ता है। यानी ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। अगर आप बार-बार नौकरी बदलने पर PF निकाल लेते हैं, तो कंपाउंडिंग का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इससे आपका फंड बहुत कम रह जाता है। PF का मुख्य उद्देश्य है रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सहायता। अगर आपने 10–15 साल की नौकरी के दौरान बार-बार PF निकाल लिया, तो रिटायरमेंट के समय आपके पास पर्याप्त रकम नहीं बचेगी। अगर आपने 5 साल की नौकरी पूरी नहीं की है और उससे पहले PF से पैसा निकालते हैं, तो उस रकम पर टैक्स लग सकता है। यानी जो रकम आपके भविष्य के लिए बचाई गई थी, वो टैक्स कटने के बाद और कम हो जाएगी।
PF को निकालने की जगह क्या करना चाहिए- जब आप नौकरी बदलते हैं, तो PF खाता बंद करने या पैसा निकालने की बजाय उसे ट्रांसफर करना ज्यादा समझदारी है। अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। आपका PF खाता UAN (Universal Account Number) से जुड़ा होता है। इसी UAN नंबर की मदद से आप पुराने खाते को नई कंपनी के PF खाते से जोड़ सकते हैं। इसके लिए EPFO की वेबसाइट पर जाकर कुछ क्लिक में PF ट्रांसफर किया जा सकता है।
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इससे क्या होगा- आपका पुराना बैलेंस और ब्याज बना रहेगा। PF अकाउंट एक ही रहेगा, सिर्फ कंपनी का नाम बदलेगा। लंबे समय तक कंपाउंडिंग से आपका फंड तेजी से बढ़ेगा। रिटायरमेंट के समय अच्छी-खासी रकम जमा हो जाएगी। अगर आपको किसी आपात स्थिति में पैसों की जरूरत है, तो PF से आंशिक निकासी का विकल्प मौजूद है। जैसे- मेडिकल इमरजेंसी, मकान खरीदना या मरम्मत कराना, बच्चों की शादी या पढ़ाई, ऐसे मामलों में आप नियमों के तहत कुछ राशि निकाल सकते हैं, लेकिन पूरा खाता खाली करना किसी भी हालत में उचित नहीं है।
PF को भविष्य की योजना में शामिल करना क्यों जरूरी है- PF खाता एक लंबी अवधि की बचत योजना है, जो आपके रिटायरमेंट के बाद आपकी मदद करती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम सभी को भविष्य को लेकर योजना बनानी चाहिए। PF ऐसा एक भरोसेमंद जरिया है, जो बिना किसी जोखिम के आपके पैसों को सुरक्षित रखता है और साल-दर-साल बढ़ाता है। अगर आप इसे समय से पहले निकालते हैं, तो न सिर्फ आपकी बचत कम हो जाती है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। इसलिए यह जरूरी है कि PF खाते को चलते रहने दें और नौकरी बदलने पर भी उसमें पैसा जमा करते रहें।














