ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को राजधानी स्थित लोक सेवा भवन में ‘आम शासन’ (हमारा शासन) नामक आधुनिक फीडबैक प्रणाली का शुभारंभ किया। इस पहल को राज्य में सुशासन को मजबूत करने और नागरिकों की भागीदारी को सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन का केंद्र नागरिक होते हैं, इसलिए योजनाओं और सेवाओं को तभी सफल बनाया जा सकता है जब उनमें जनता की राय और सुझाव को शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों की सक्रिय भागीदारी और फीडबैक ही प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता की कुंजी है। ‘आम शासन’ को तकनीक के उपयोग से तैयार किया गया है, जिसके तहत आम जनता अपनी राय और सुझाव ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से साझा कर सकती है। इसके लिए विशेष प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, ओडिशा सरकार की वेबसाइट का चैटबॉट (amashasana.odisha.gov.in), व्हाट्सऐप चैटबॉट (+91-7400221903) और टोल फ्री नंबर 14471। इसके अलावा मुख्यमंत्री, मंत्रीगण और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी सीधे फोन कॉल के ज़रिए जनता की राय लेंगे।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह पहल शासन-प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, सहभागिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देगी और सरकार और जनता के बीच की दूरी कम करेगी। उन्होंने महात्मा गांधी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी के शब्दों में “स्वयं को पाने के लिए, खुद को दूसरों की सेवा में खो देना चाहिए।” इसी विचारधारा को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीक का उपयोग कर देश में भ्रष्टाचार को काफी हद तक कम किया है। जनधन, आधार और मोबाइल (JAM) की तिकड़ी ने सरकारी योजनाओं की राशि को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया है, जिससे बीच में किसी तरह की कटौती की संभावना समाप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि मोदी जी का डिजिटल इंडिया अभियान सुशासन लागू करने में निर्णायक भूमिका निभा रहा है और उसी से प्रेरित होकर ओडिशा सरकार भी स्वयं को जनता का सेवक मानते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था में जनता की सक्रिय भागीदारी ही सरकार की असली संपत्ति है और ‘आम शासन’ कार्यक्रम इसी सोच का परिणाम है। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि उनके सुझावों का सम्मान किया जाएगा और शासन प्रणाली में आवश्यक सुधार लाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था तभी सफल हो सकती है जब आम नागरिक को अपनी राय रखने और शासन में भागीदारी का अवसर मिले। ‘आम शासन’ इसी सिद्धांत पर आधारित है, जो न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाएगा बल्कि लोगों का विश्वास भी बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का प्रयास है कि ओडिशा में हर योजना और सेवा नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और प्रभावी बने।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ओडिशा सरकार वर्तमान में ऑनलाइन माध्यम से 32 विभागों की 428 सेवाएं उपलब्ध करा रही है। ‘आम शासन’ कार्यक्रम के प्रथम चरण में 8 विभागों की 13 प्रमुख सेवाओं को इस फीडबैक प्रणाली से जोड़ा गया है। इनमें पंचायती राज एवं पेयजल विभाग की अंत्योदय गृह योजना, सामाजिक सुरक्षा एवं विकलांग सशक्तिकरण विभाग की मधुबाबू पेंशन योजना, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुभद्रा योजना, अनुसूचित जनजाति एवं जाति कल्याण विभाग की शहीद माधो सिंह हाथखर्च योजना, कृषि एवं कृषक सशक्तिकरण विभाग की श्यान्न और सीएम किसान योजना, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग की धान संग्रहण योजना, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की इन-पेशेंट एवं आउट-पेशेंट सेवाएं और आयुष्मान बयोबंदना योजना तथा गृह विभाग की एफआईआर दर्ज करने की सुविधा, अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी करना और जन अर्ज़ी निस्तारण शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई लाभार्थियों से सीधे संवाद भी किया। इनमें कालाहांडी जिले की अंत्योदय गृह योजना की लाभार्थी श्रीमती मुंगे धारुआ, जगतसिंहपुर जिले के वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी श्री फकीर दास, कंधमाल जिले की शहीद माधो सिंह हाथखर्च योजना की दसवीं कक्षा की छात्रा ज्योत्स्नारानी देहुरी और बलांगीर जिले के आयुष्मान बयोबंदना योजना के लाभार्थी श्री गिरीश कुमार सिंहदेव शामिल थे। सभी लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी हर स्तर पर सहयोग कर रहे हैं और योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच रहा है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री श्री मुकेश महालिंग ने कहा कि ‘आम शासन’ जनहितकारी सरकार की दिशा में एक नया कदम है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से जनता की राय को व्यवस्थित तरीके से रिकॉर्ड किया जाएगा और उनकी प्रतिक्रिया को पूरा सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की वजह से ही ऐसी पहल संभव हो पाई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री के. वी. सिंहदेव, उद्योग, कौशल विकास एवं व्यावसायिक शिक्षा मंत्री श्री सम्पद चंद्र स्वाईं, मुख्य प्रशासनिक सचिव श्री मनोज आहूजा, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री विशाल देव, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती अश्वती एस. और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
ओडिशा कंप्यूटर एप्लिकेशन सेंटर (OCAC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रदीप राउत ने कार्यक्रम की शुरुआत में ‘आम शासन’ की रूपरेखा प्रस्तुत की और बताया कि यह फीडबैक मैकेनिज्म किस तरह से जनता और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा।

















