गत 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में बादल फटने से हुई तबाही के तुरंत बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सेवा भारती के कार्यकर्ता राहत, सेवा एवं पुनर्वास के कार्य में जुट गए। चशोती में 61 लोग मारे गए।
75 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। चशोती मचैल माता यात्रा का प्रमुख एवं पहला पड़ाव है। यहां से यात्री पैदल मचैल माता मंदिर के लिए रवाना होते हैं। दुर्भाग्य से कुछ भक्त भी आपदा की चपेट में आए। आपदा के तुरंत बाद एंबुलेंस सेवा के साथ घायलों के उपचार के लिए सेवा भारती के कार्यकर्ता सहायता में जुटे।
कार्यकर्ताओं ने पीड़ितों के लिए भोजन भी उपलब्ध कराया। राहत कार्य करने वाले एन.डी.आर.एफ. और एस.डी.आर.एफ. के जवानों के साथ संघ के स्वयंसेवकों ने भी कार्य किया। स्वयंसेवकों ने चशोती में पैदल रास्तों का निर्माण और मरम्मत का कार्य भी किया।
किश्तवाड़ जिला अस्पताल में उपचाराधीन घायलों की सेवा में स्वयंसेवकों के अतिरिक्त सेवा भारती और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी लगे।















