कोलकाता, (हि.स.)। फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि उनकी नई फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ के ट्रेलर लॉन्च को राजनीतिक दबाव में रोक दिया गया। शनिवार को कोलकाता में ट्रेलर रिलीज के दौरान हंगामे के बाद पुलिस पहुंची और कार्यक्रम को रोक दिया गया।
दरअसल, द बंगाल फाइल्स अविभाजित बंगाल में 1940 के दशक के सांप्रदायिक दंगों और 1946 के डायरेक्ट एक्शन डे व नोआखली दंगों जैसी भयावह घटनाओं पर आधारित है, जिन्हें हिंदुओं के नरसंहार के रूप में देखा जाता है।
अग्निहोत्री ने कहा, “अंग्रेजी में एक शब्द है ‘डिक्टेटर’ और वे दुनिया के सबसे कायर लोग होते हैं। जब मैंने द बंगाल फाइल्स की घोषणा की थी, तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद कहा था कि यह प्रोपेगैंडा है और इसे यहां अनुमति नहीं देंगे। ऐसा लगता है जैसे भारत में दो संविधान हैं – एक पूरे देश के लिए और एक पश्चिम बंगाल के लिए। यह अवैध है और मैं इसके खिलाफ लड़ूंगा।
फिल्म का ट्रेलर पहले कोलकाता के क्वेस्ट मॉल स्थित पीवीआर आईनॉक्स मल्टीप्लेक्स में लॉन्च होना था। लेकिन मल्टीप्लेक्स प्रबंधन ने राजनीतिक दबाव का हवाला देकर इनकार कर दिया। इसके बाद कार्यक्रम को आईटीसी रॉयल बंगाल में शिफ्ट किया गया, जहां कोलकाता पुलिस पहुंची और लॉन्च रोक दिया गया।
वहीं, फिल्म की अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने भी आपत्ति जताते हुए कहा, “मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आया कि मेरी फिल्म को इस तरह रोका गया। क्या देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है?
अग्निहोत्री ने दावा किया कि कोलकाता के कई मल्टीप्लेक्स राजनीतिक दबाव में ट्रेलर लॉन्च से पीछे हट गए। आरोप लगाया कि फिल्म की घोषणा के समय ही मुख्यमंत्री ने धमकी दी थी कि इस फिल्म को राज्य में अनुमति नहीं दी जाएगी। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
ट्रेलर लॉन्च मंच पर चढ़ी काेलकाता पुलिस, बिजली काटी, जब्त किया लैपटॉप
काेलकाता पुलिस ने पांच सितारा होटल आईटीसी रॉयल बंगाल में कार्यक्रम को बीच में राेकते हुए कॉन्फ्रेंस हॉल की बिजली काट दी। फिल्म का ट्रेलर दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा लैपटॉप जब्त कर लिया। इसके बाद विवेक अग्निहोत्री को इस तरह घेर दिया कि वह मीडिया से बात तक ना कर पाएं। स्थित यह थी कि कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तक ट्रेलर लॉन्च के मंच पर चढ़ गए थे।
विवेक के अनुसार सुबह तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, हॉल में भारी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और ट्रेलर दिखाने के दौरान अचानक बिजली काट दी गई। बिना किसी कारण के कॉन्फ्रेंस रूम की बिजली काट दी गई। उन्होंने कहा कि हम तो चोर-डाकू नहीं हैं, फिल्म बनाते हैं। सत्यजीत रे की धरती पर खड़े होकर ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा, कभी सोचा नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस मुझे गिरफ्तार करती है तो कर ले लेकिन मैं लड़ाई जारी रखूंगा। यही बंगाल है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण के बाद कोलकाता पुलिस या राज्य प्रशासन की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। दोपहर तक पुलिस अधिकारी इस मामले पर टिप्पणी करने से बचते रहे।

















