तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बंजारा हिल्स इलाके से लव जिहाद का मामला सामने आया है। यहां एक पाकिस्तानी मूल के शख्स फहद अकील ने अपनी पहचान छिपाकर पहले हिंदू महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया फिर उसकर जबरन मतांतरण कराकर निकाह कर लिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फहद अकील गोंडल पर पाकिस्तानी नागरिकता छिपाने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने का आरोप है। फहद हैदराबाद की हाई-टेक सिटी में सिपाल नाम की एक कंपनी में काम करता है। उसने हिंदू महिला कीर्ति को जबरन इस्लाम कबूल करवाया और उसका नाम बदलकर दोहा फातिमा रख दिया। वर्ष 2016 में उसने कीर्ति से निकाह कर लिया। लेकिन अब फहद ने कीर्ति को छोड़कर दूसरी महिला के साथ घर बसा लिया है, जिसके बाद हिंदू महिला ने हिम्मत दिखाते हुए लुंगर हाउस पुलिस थाने में फहद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फहद पर कई शादियां करने का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि फहद ने जबरन उसका मतांतरण कराया। पिछले ढाई साल से उनके बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा। वे दोनों अलग रह रहे हैं। पीड़िता ने दावा किया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसका शौहर पाकिस्तान से है। महिला का आरोप है कि फहद जाहबीन फातिमा नाम की एक अन्य महिला के साथ रह रहा है और लव जिहाद में लिप्त है। उसके परिवार के पास सभी भारतीय दस्तावेज हैं। उसने ‘मुझे धमकी दी है कि अगर मैंने उसे तलाक नहीं दिया, तो वह मुझे जान से मार देगा’। बताया जा रहा है कि फहद ने अपने ऑफिस में काम करने वाली एक अन्य महिला को भी कीर्ति की तरह अपने जाल में फंसाया। जब कीर्ति को इस विश्वासघात बारे में पता चला तो उसने पुलिस से संपर्क किया। अधिकारियों ने फहद और दूसरी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया है और मतांतरण, धोखे से कई शादियां करने के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि और कानूनी जांच
पुलिस के अनुसार, फहद अकील गोंडल 1998 में भारत आया और हैदराबाद में बस गया। उसके अब्बा पाकिस्तानी थे और उसकी अम्मी मूल रूप से हैदराबाद की रहने वाली थी। उसके अब्बा के इंतकाल के बाद वह वापस हैदराबाद आ गईं। फहद को 2018 में भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। हालांकि 2016 में निकाह के दौरान उसके पास मौजूद कुछ दस्तावेजों जैसे आधार, पैन और मतदाता पहचान पत्र की प्रामाणिकता को लेकर अभी भी कुछ सवाल हैं।पुलिस फहद के पिछले रिकॉर्ड के साथ अन्य पीड़िताओं की जांच भी कर रही है। यह मामला धोखाधड़ी से होने वाली शादियों और जबरन मतांतरण के बढ़ते मामलों को उजागर करता है। ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सतर्कता बेहद जरूरी है।

















