गाजियाबाद के कनावनी स्थित हिंडन बैराज के पास दो मुस्लिम बच्चे मांस फेक रहे थे। दोनों बच्चे नबालिग हैं। इन दोनों बच्चों को मांस फेंकते हुए वहां के स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। जैसे ही इस घटना की सूचना गजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल को मिली। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर देखा कि दो नाबालिग बच्चे बोरे में मांस लिए हुए थे। मेयर ने जब बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी साइकिल पर रखे बोरे में मांस है। इसके बाद मेयर सुनीता दयाल ने फोन करके पुलिस को बुलाया वहां पर कनावनी चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची।
पूछताछ में दोनों नाबालिग बच्चों ने बताया कि वो दोनों एक मदरसे में पढ़ रहे हैं। मदरसे के इमाम ने उन्हें मांस फेंकने के लिए भेजा था। दोनों बच्चों के बयान के आधार पर पुलिस ने इमाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इमाम ने पुलिस को बताया कि मांस दो-तीन दिन से फ्रिज में रखा था। इमाम को लगा कि मांस खराब हो गया होगा इसलिए उसने दोनों बच्चों को फेंकने के लिए भेजा था।इमाम ने कहा कि वो गो मांस नहीं था। पुलिस ने पशु चिकित्सक को बुलाकर मांस के नमूने सील करवा दिए। नमूने को जांच के लिए लैब में भेजा गया है।
पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि मांस किसका है।इस मामले में गाजियाबाद की मेयर सुनीता दयाल ने सख्त नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों ने उनसे शिकायत भी की कि हिंडन नदी के पास अक्सर मांस लाकर के फेंक दिया जाता है। शिकायत करने पर पुलिस कार्रवाई करने में आनाकानी करती है

















