किश्तवाड़। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हुआ है। मचैल माता यात्रा के रास्ते में पड़ने वाले सुदूर गांव चसोती में बादल फटने से कम से कम 28 लोगों के मारे जाने की आशंका है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा को स्थगित कर दिया गया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मंदिर जाने वाले रास्ते में आखिरी ट्रैफिक वाले क्षेत्र में 200 से 300 लोगों के फंसे होने की आशंका
बचाव और राहत अभियान जारी
अधिकारियों ने तुरंत बचाव और राहत अभियान शुरू कर दिया है। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नरेश सिंह भी घटनास्थल पर मौजूद हैं और अभियान की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें बचाव कार्य में जुट गई हैं।
सरकार ने जताया दुख
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को बचाव और राहत कार्यों को तेज करने का निर्देश दिया गया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि किश्तवाड़ के उपायुक्त से बात करके स्थिति की जानकारी ली और कहा कि प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने एनडीआरएफ की टीमें तुरंत भेजने का आश्वासन भी दिया।
केंद्र सरकार इस स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है और प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया गहरा दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत कार्य जारी हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में लिखा: “जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं हैं। स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान चल रहे हैं। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”
















