रूस के साथ बीते तीन साल से भी अधिक वक्त से जारी जंग को समाप्त करने के लिए चल रही शांति वार्ताओं के मध्य आज (11 अगस्त 2025) को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस बातचीत को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि पीएम मोदी ने शांति के लिए किए जा रही कोशिशों का समर्थन किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जेलेंस्की ने ज़ेलेंस्की ने इसे “लंबी और महत्वपूर्ण” बातचीत बताया और भारत के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। यह कॉल ऐसे समय में हुई जब रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत की शांतिपूर्ण भूमिका पर दुनिया की नजर है। इसके साथ ही इस बातचीत के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में रूस के द्वारा किए गए हमलों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जेपोरेजिया में बस डिपो पर किए गए हमले के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि जब दुनिया युद्ध को खत्म करने की कोशिश कर रही है, रूस अपनी आक्रामकता बढ़ा रहा है। ज़ेलेंस्की ने इसे रूस की “हानिकारक मंशा” का सबूत बताया और भारत जैसे बड़े देश से शांति के लिए मदद मांगी। यह बातचीत भारत की तटस्थ लेकिन शांति की पक्षधर भूमिका को दर्शाती है।
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दोनों देशों के बीच सहयोग
बातचीत का मुख्य मकसद भारत और यूक्रेन के बीच रिश्तों को और मजबूत करना था। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग के कई पहलुओं पर खुलकर चर्चा की। भारत ने यूक्रेन के लोगों के लिए मानवीय मदद का वादा किया, जिसकी ज़ेलेंस्की ने तारीफ की। उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व और भारत की वैश्विक छवि की भी सराहना की। यह बातचीत दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक रिश्तों को बढ़ाने का एक कदम है।
ट्रंप वाली बात कर गए जेलेंस्की
वोलोदिमिर जेलेंस्की ने पीएम मोदी से बात तो की, लेकिन उनकी कोशिश यही रही कि वो भारत को मना पाएं कि वो रूस से तेल न खरीदें। ताकि रूस पर दबाव बनाया जा सके। यही बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कर रहे हैं। उन्होंने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ भी केवल इसीलिए लगाया, क्योंकि भारत रूस से लगातार तेल आयात कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोप और अमेरिका भी रूस से तेल का आय़ात करते हैं, लेकिन भारत को ऐसा करने से रोकते हैं।

















