पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। उसे लगता है कि अमेरिका की गोद में बैठकर वो बकवास करता रहेगा और भारत उसे सहेगा। लेकिन, उसकी हरकतों का भारत ने करार जबाव दिया। हुआ कुछ यूं कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनिर ने हाल ही में अमेरिका में एक बार फिर भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की। मुनीर ने कश्मीर राग अलापते हुए भारत को ही क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की।
मुनिर ने क्या कहा?
वाशिंगटन में पाकिस्तानी-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए जनरल मुनीर ने भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारत ने बिना किसी उकसावे के दो बार सैन्य आक्रामकता दिखाई, जिसे उन्होंने “रणनीतिक दूरदर्शिता की कमी” करार दिया। मुनीर ने कश्मीर को फिर से पाकिस्तान का “जुगरलर वेन” (जान की नस) बताया और कहा कि कश्मीरी लोग भारत के “अवैध कब्जे” के खिलाफ लड़ रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने भारत की ऑपरेशन सिंदूर को “क्षेत्रीय आधिपत्य” की कोशिश बताकर इसे खारिज करने की बात कही। मुनीर की बेवकूफी की हद तो ये है कि वह अमेरिका में बैठकर ये कहता है कि भारत ने उकसाया था, लेकिन हमने संयम दिखाया।
कश्मीर पर पुराना राग
मुनीर का कश्मीर पर बयान कोई नई बात नहीं है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी उन्होंने कश्मीर को “जुगरलर वेन” कहकर भारत के खिलाफ बयान दिया था, जिसके बाद पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 26 भारतीय पर्यटक मारे गए थे, जिसके लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी) ने जिम्मेदारी ली थी। मुनिर ने अपने ताजा बयान में कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के आधार पर हल करने की बात कही और कश्मीरियों के लिए पाकिस्तान के “नैतिक और कूटनीतिक” समर्थन की पुष्टि की। हालांकि, एक बार फिर से भारत ने आतंकिस्तान को उसी की भाषा में जबाव देते हुए स्पष्ट किया कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और पाकिस्तान का इससे एकमात्र संबंध अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करना है।
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ऑपरेशन सिंदूर और भारत का जवाब
मुनीर के बयानों का आधार भारत का ऑपरेशन सिंदूर है, जो मई 2025 में पहलगाम हमले के जवाब में शुरू किया गया था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। भारत ने इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कदम बताया, जिसका उद्देश्य केवल आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था, न कि पाकिस्तानी नागरिकों या सेना को। इसके जवाब में पाकिस्तान ने मिसाइल हमले और सीमा पर संघर्ष शुरू किए, जिसके बाद चार दिन तक तनाव रहा। अंत में, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद 10 मई को युद्धविराम हुआ।
अमेरिका की गोद में बैठकर भारत को उकसा रहा मुनीर
मुनीर की अमेरिका यात्रा और उनके बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं। वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात कर चुके हैं, जो अपने आप में एक असामान्य घटना है। इस मुलाकात को पाकिस्तान ने अपनी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश किया। हालांकि, मुनीर को वाशिंगटन में विरोध का भी सामना करना पड़ा, जहां इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। मुनीर ने अपने भाषण में भारत को “सभ्य देश” की तरह व्यवहार करने की सलाह दी, लेकिन उनके बयानों को भारत ने उकसावे वाला करार दिया।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदर्भ
मुनीर के बयानों का समय भी ध्यान देने योग्य है। भारत-पाक तनाव के अलावा, मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल चल रही है। मुनिर ने पाकिस्तान को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए “नेट स्टेबलाइजर” बताकर अपनी छवि मजबूत करने की कोशिश की।

















