यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने यूक्रेन और रूस के बीच शांति स्थापित करने के लिए एक “ज़मीन स्वैप” (territorial swap) का विचार रखा था, लेकिन ज़ेलेंस्की ने इसे साफ़ तौर पर नकारते हुए यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता पर जोर दिया।
ट्रंप का ज़मीन स्वैप वाला सुझाव
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच जंग को खत्म करने के लिए दोनों देश कुछ इलाकों की अदला-बदली कर सकते हैं। उनका इशारा था कि यूक्रेन उन इलाकों को छोड़ दे, जो अब रूस के कब्जे में हैं, और बदले में रूस कुछ और इलाके यूक्रेन को दे दे। ट्रंप का मानना है कि यह तरीका जंग को जल्दी खत्म करने में मदद कर सकता है। उनके इस बयान के पीछे शायद यह सोच थी कि यूक्रेन को अमेरिकी मदद पर निर्भरता कम करनी चाहिए और व्यावहारिक रास्ता अपनाना चाहिए। लेकिन यह सुझाव ज़ेलेंस्की को बिल्कुल पसंद नहीं आया।
ज़ेलेंस्की का सख्त रुख
ज़ेलेंस्की ने शनिवार को ट्रंप के इस विचार को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि यूक्रेन अपनी ज़मीन का एक इंच भी नहीं छोड़ेगा। ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला करके जो इलाके कब्जाए, वे सभी यूक्रेन के हैं और यूक्रेन उनका दावा कभी नहीं छोड़ेगा। खास तौर पर, क्रीमिया और डोनबास जैसे इलाकों को लेकर ज़ेलेंस्की का रुख बहुत सख्त है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता उनके लिए सबसे ऊपर है, और वह किसी भी तरह के स्वैप डील के खिलाफ हैं।
इसे भी पढ़ें: ट्रंप और पुतिन की वार्ता का भारत ने किया समर्थन, कहा- यूक्रेन संघर्ष के अंत की दिख रहीं संभावनाएं
क्यों उठा यह मुद्दा?
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने यूक्रेन-रूस जंग को खत्म करने की बात कही। ट्रंप ने अपने कार्यकाल में वादा किया था कि वह इस युद्ध को जल्दी खत्म करेंगे। उनके सुझाव को रूस ने कुछ हद तक सकारात्मक लिया, लेकिन यूक्रेन ने इसे ठुकरा दिया। रूस की ओर से विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने भी ज़ेलेंस्की के एक अलग प्रस्ताव (जिसमें यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क क्षेत्र के बदले कुछ इलाके मांगे थे) को खारिज कर दिया था। यह दिखाता है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत की राह अभी बहुत मुश्किल है।
बातचीत का माहौल
ज़ेलेंस्की और ट्रंप के बीच यह तनाव उस वक्त सामने आया जब ट्रंप ने पेरिस में ज़ेलेंस्की और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। ट्रंप ने वहां तुरंत युद्धविराम और शांति वार्ता की बात कही थी, लेकिन ज़ेलेंस्की ने इसे ठुकराते हुए कहा कि वह बिना शर्त अपनी ज़मीन की रक्षा करेंगे। यह मतभेद दिखाता है कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच रणनीति को लेकर कितना बड़ा अंतर है।
ज़ेलेंस्की का यह सख्त रुख यूक्रेन के लोगों के लिए एक मज़बूत संदेश है, लेकिन यह जंग को और लंबा खींच सकता है। दूसरी ओर, ट्रंप की कोशिश है कि वह रूस के साथ किसी तरह का समझौता करवाएं। लेकिन रूस और यूक्रेन, दोनों ही अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हैं। अभी यह साफ नहीं है कि इस तनाव का कोई हल निकलेगा या नहीं।

















