उत्तराखंड ब्यूरो । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में हुई प्राकृतिक आपदा के मद्देनज़र आज देहरादून स्थित राज्य आपदा कंट्रोल रूम पहुंचे।
सीएम धामी ने धराली क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि सीएम धामी आज सुबह ही आंध्र प्रदेश के तिरुपति पहुंचे थे, आपदा की खबर की सूचना मिलते ही वापिस देहरादून लौट आए।
पीएम मोदी और अमित शाह का सहयोग का आश्वासन
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा युद्ध स्तर पर राहत कार्य संचालित किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी उत्तरकाशी धराली आपदा पर चिंता जताई और केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने बताया कि सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्वयंसेवी संगठन राहत और बचाव के काम में लगे हुए हैं। आपदा प्रलय से हर कोई चिंतित हुआ है, ऐसे में सभी को हौंसला बनाए रखने की जरूरत है। जो लोग मिसिंग हैं उनकी खोज में जुटे हुए हैं। ईश्वर, भगवान भोलेनाथ हमारी मदद करें।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी
- उत्तरकाशी धराली आपदा : मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, त्वरित राहत कार्य जारी
- विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम रवाना, अस्पतालों में बेड आरक्षित, चिकित्सकीय अवकाश पर रोक
- 108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर, जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष स्थापित
उत्तरकाशी जनपद के धराली गांव में सोमवार को बादल फटने से उत्पन्न भीषण आपदा के बाद राज्य सरकार पूरी तरह से सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि समय पर पीड़ितों तक सहायता पहुंच सके।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम तत्काल धराली क्षेत्र के लिए रवाना करने के निर्देश दिए हैं। इस टीम में सर्जन, निश्चेतक, फिजीशियन और आर्थोपेडिक सर्जन शामिल हैं। टीम का संचालन गढ़वाल मंडल के निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सौंपा गया है, जिन्हें इस आपदा में नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अस्पतालों में बेड आरक्षित और चिकित्सकीय अवकाश पर रोक
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आपदा प्रबंधन के तहत राज्य के सभी प्रमुख चिकित्सालयों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर रूप से घायल मरीजों के इलाज के लिए बेड आरक्षित रखें। साथ ही, सभी चिकित्सा अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। यह सुनिश्चित किया गया है कि अस्पतालों में दवाओं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा उपकरणों की कोई कमी न रहे।
108 एंबुलेंस सेवा हाई अलर्ट पर
धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में 108 एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इन सेवाओं के माध्यम से घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार देना, उन्हें निकटतम अस्पतालों तक पहुंचाना और संवेदी वर्गों की प्राथमिक चिकित्सा सुनिश्चित करना प्रमुख उद्देश्य है। आसपास के जनपदों से भी एंबुलेंस सेवाओं का समन्वय कर आपदा क्षेत्र में भेजा गया है।
जिला स्तरीय आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी जिले में 24×7 सक्रिय एक आपात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यह नियंत्रण कक्ष राहत और चिकित्सा कार्यों की निरंतर निगरानी करेगा और आवश्यक समन्वय स्थापित करेगा, ताकि किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर किया जा सके।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय आपदा है, जिसमें हर अधिकारी और कर्मचारी से संवेदनशीलता और तत्परता अपेक्षित है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
लापता लोगों की संख्या अब भी अस्पष्ट
धराली जल प्रलय में कितने लोग अभी तक लापता हैं ये सही-सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। एक अनुमान है कि सौ से ज्यादा लोग लापता हैं, जबकि 6 लोगों के शव बरामद हुए हैं।
अपुष्ट जानकारी के अनुसार इस हादसे में सेना के कुछ अधिकारी और जवान भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहत कार्यों में जुटा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
उत्तरकाशी जिले के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को धराली पहुंच गए हैं और वे बचाव कार्यों में हाथ बंटा रहे हैं। संघ ने आपदा पीड़ितों के लिए भोजनालय की व्यवस्था भी की है। सहायता के लिए चार हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

धराली बाजार में मलबा, कई भवन व होटल क्षतिग्रस्त
उत्तरकाशी के तहसील भटवाड़ी, थाना हर्षिल के अंतर्गत खीर गाढ़ में आज अपराह्न लगभग 1.50 बजे बादल फटने के कारण अत्यधिक जलस्तर बढ़ने से धराली बाजार क्षेत्र में भारी मलबा आया जिससे कई भवनों, होटल एवं दुकानें क्षतिग्रस्त हुई। सूचना मिलने पर त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए एस.डी.आर.एफ, अग्निशमन विभाग, सेना तथा स्थानीय प्रशासन/पुलिस व अन्य बचाव दलों द्वारा राहत और बचाव कार्य प्रारंभ कर दिए गए हैं।
अतिरिक्त बल मौके पर रवाना, अधिकारी धराली के लिए निकले
खोज, बचाव एवं राहत कार्यों में सहायता के लिए एस.डी.आर.एफ/एन.डी.आर.एफ/आर्मी/आई.टी.बी.पी/पुलिस के अतिरिक्त बलों को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है।
उत्तरकाशी के जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी धराली के लिए तुरंत रवाना हुए। उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से घटनास्थल 80 किलोमीटर दूर है। निकटतम चिकित्सालय 05 किमी, जिला चिकित्सालय 88 किमी तथा एम्स देहरादून 246 किमी दूर है।
वायु सेना से मांगी वायु सहायता
इस बीच वायु सहायता के लिए एयरफोर्स से भी सम्पर्क किया गया है। निकटवर्ती राजकीय चिकित्सालयों व एम्स, देहरादून में भी बेड आरक्षित कर दिए गये हैं एवं पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस को क्रियाशील किया गया है। खतरे को देखते हुए स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही की जा रही है।
केंद्र सरकार को दी गई जानकारी
प्रभारी मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु ने प्रधानमंत्री कार्यालय तथा गृह मंत्रालय को घटना के संबंध में जानकारी दे दी है। उन्होंने ने बताया कि केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगणों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से त्वरित राहत कार्य
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, एस.ई.ओ.सी देहरादून को घटना की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन तथा जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए त्वरित राहत और बचाव कार्य संचालित किए गए।
शीर्ष अधिकारियों ने लिया कमान
घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी मुख्य सचिव आर.के. सुधांशु, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, एडीजी ए.पी अंशुमान तथा आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसडीआरएफ अरुण मोहन जोशी के साथ ही अन्य अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली।
सभी अधिकारीगण वर्तमान में एस.ई.ओ.सी में उपस्थित हैं और लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
अस्पतालों और हेलीपैड की व्यवस्था
अधिकारीगणों ने धराली के आस पास अस्पतालों, हेलीपैड, राहत शिविरों तथा आर्मी, आईटीबीपी, एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ की जानकारी लेते हुए आसपास के क्षेत्रों से अतिरिक्त राहत और बचाव दलों को रवाना किया। हर्षिल पीएचसी, भटवाड़ी पीएचसी, जिला अस्पताल उत्तरकाशी में घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। एम्स ऋषिकेश और दून अस्पताल में भी अतिरिक्त बेड रिजर्व कर दिए गए हैं।
राहत के लिए अतिरिक्त जवान तैनात
एन.डी.आर.एफ के 50 जवान दिल्ली से भेजे गए हैं। 15 जवान देहरादून से रवाना किए गए हैं। एस.डी.आर.एफ के 30 जवान गंगोत्री से रवाना किए गए हैं, जबकि 45 जवान देहरादून से भेजे गए हैं। आई.टी.बी.पी के 30 जवानों को राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है।
हेलीकॉप्टर सहायता की तैयारी
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से 02 एम.आई हेलीकॉप्टर तथा 01 चिनूक हेलीकॉप्टर के लिए वायु सेना को अनुरोध पत्र भेज दिया गया है। यूकाडा के 02 हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजे जाने हेतु तैयार हैं। मौसम अनुकूल होने पर वायु सहायता पहुंचाई जाएगी।
मार्ग बाधित, मौसम बना चुनौती
सड़कों को खोलने के लिए सभी आवश्यक संसाधन भेजे गए हैं। जहां-जहां भी सड़क मार्ग बाधित हैं, उन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से दिए गए हैं।
मार्ग बाधित होने तथा मौसम खराब होने के कारण राहत और बचाव दलों को घटनास्थल पर पहुंचने में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम के अनुकूल होते ही, राहत और बचाव दल हवाई तथा सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंच जाएंगे।
आधुनिक उपकरणों से सर्च ऑपरेशन
एस.डी.आर.एफ ने घटनास्थल के लिए विक्टिम लोकेशन कैमरा, थर्मल इमेजिंग कैमरा, आर.आर शॉ, डायमंड चेन शॉ, कर्बाइड टिप्ड चेन शॉ, चिपिंग हैमर, ड्रोन, पैलिकन लाइट, ड्रैगन लाइट, मेडिकल संसाधन रवाना कर दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से जिलाधिकारी तथा एसएसपी के साथ लगातार सम्पर्क बना हुआ है।
जारी हुए हेल्पलाइन नंबर
जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, उत्तरकाशी में स्थापित हेल्पलाइन नम्बर – 01374-222722, 7310913129, 7500737269
टॉल फ्री नम्बर – 1077
ईआरएसएस टॉल फ्री नम्बर – 112
राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र,
देहरादून में स्थापित हेल्पलाइन नम्बर – 0135-2710334, 2710335, 8218867005, 9058441404
टॉल फ्री नम्बर – 1070
ईआरएसएस टॉल फ्री नम्बर – 112

















