सत्ता पक्ष और मोदी विरोध के चलते राहुल गांधी ने आंकड़ों को धता बताते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कह दिया। लेकिन अब उन्हीं की पार्टी कांग्रेस के ही सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की बयानबाजी का विरोध किया है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को झूठा करार दिया और कहा कि यह सच नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने राहुल के रुख से अलग हटकर भारतीय अर्थव्यवस्था का बचाव किया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 25% टैरिफ और रूस के साथ व्यापार के लिए भारत पर अतिरिक्त जुर्माने की घोषणा के बाद यह टिप्पणी की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी मृत अर्थव्यवस्थाओं को साथ ले डूबें।” इस बयान ने भारतीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। इसे अपनी सियासी रोटी सेंकने का अच्छा मौका देखते हुए राहुल गांधी ने तुरंत लपक लिया। उन्होंने कहा, “ट्रंप सही हैं, हर कोई जानता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है, सिवाय पीएम और वित्त मंत्री के।”
थरूर ने राहुल गांधी के बयान को किया खारिज
संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने स्पष्ट किया, “नहीं, बिल्कुल नहीं, यह सच नहीं है। हम सब जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत नहीं है।” उन्होंने ट्रंप के बयान को गलत ठहराते हुए कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत है। थरूर ने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के साथ व्यापारिक वार्ताएं चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन भारत के पास कई विकल्प हैं। उन्होंने कहा, “हम यूरोपीय संघ और यूके के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। अगर अमेरिका अनुचित मांगें रखता है, तो हमें कहीं और जाना होगा।”
दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है भारत
राहुल गांधी की बयानबाजी के बीच ये जानना भी आवश्यक हो जाता है कि आखिर भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत क्या है। तो बता दें कि भारत इस समय दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट (अप्रैल 2025) के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है।
वहीं देश के निर्यात की बात करें तो यह भी लगातार बढ़ रहा है। पीआईबी की रिपोर्ट की मानें तो वित्त वर्ष 2023-24 में देश का निर्यात कुल मिलाकर मजबूत रहा। मार्च 2023 में कुल निर्यात में 66.14 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। इसके अलावा भारत का व्यापार 238 गंतव्य देशों में से 115 देशों तक भारत का व्यापार निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई है। तमाम वैश्विक चुनौतियों के होने के बाद भी भारत का विकास जारी रहा है।
थरूर ने सुझाव दिया कि भारत को अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए कठिन रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर अच्छा समझौता नहीं हो पाता, तो हमें अमेरिका से दूरी बनानी पड़ सकती है।”
















