नई दिल्ली (हि.स.) । पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने महाराष्ट्र के मालेगांव ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की स्पेशल कोर्ट द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने को सत्य की जीत बताया। संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदू रक्षक हो सकता है मगर हिंदू कभी भक्षक नहीं हो सकता। हिंदू योद्धा हो सकता है मगर हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता।
सनातन परंपरा और कांग्रेस का नैरेटिव
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि हम उस सनातन परंपरा के संवाहक हैं जो वसुधैव कुटुंबकम् की भावना से ओत-प्रोत है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के लिए भगवा आतंकवाद का झूठा नैरेटिव गढ़ा।
निरपराध हिंदुओं पर फर्जी मुकदमे
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की बहुसंख्यक जनता की धार्मिक भावनाओं को आहत किया और निरपराध हिंदुओं पर तुच्छ राजनीति के लिए फर्जी मुक़दमे थोपे। ठाकुर ने कहा कि मालेगांव बम धमाके के आरोपियों को एनआईए स्पेशल कोर्ट द्वारा दोषमुक्त किया जाना साफ़ दिखाता है कि सोनिया गांधी, पी. चिदंबरम और सुशील कुमार शिंदे ने सनातन धर्म को बदनाम करने और हिंदुओं को नीचा दिखाने की साज़िश रची थी।
कोर्ट का फैसला कांग्रेसी प्रॉपगैंडा पर करारा प्रहार
अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज कोर्ट ने उन सभी पीड़ितों को न्याय दिया है जो कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की हिंदू विरोधी साज़िश का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि 26/11 हमले के दौरान भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तान को बचाने के लिए इसी तरह के फर्जी नैरेटिव गढ़ने की असफल कोशिशें कीं।
हिंदू विरोधी इकोसिस्टम पर चोट
ठाकुर ने कहा कि उन दस सालों में कांग्रेस ने आतंकवाद को कवरफ़ायर दिया था जैसे आज भी दे रही है। कोर्ट का यह फ़ैसला कांग्रेसी प्रॉपगैंडा और हिंदू विरोधी इकोसिस्टम पर करारा प्रहार है।















