मालेगांव बम धमाका केस में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और कर्नल पुरोहित को कोर्ट से बरी किए जाने के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है। इस बार भगवा आतंकवाद से ऊपर उठकर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने सीधे ही हिन्दुओं को आतंकवादी कह डाला। रेणुका चौधरी ने कहा कि “हिंदू भी आतंकवादी हो सकते हैं”।
‘भगवा आतंकवाद’ से ‘हिंदू आतंकवाद’ तक
याद रहे, कांग्रेस पहले भगवा आतंकवाद की थ्योरी गढ़कर संतों और साध्वियों को जेल में सड़ाती रही और अब खुलकर “हिंदू आतंकवादी” शब्द का इस्तेमाल कर रही है। रेणुका चौधरी ने यहां तक कह दिया कि हिंदू आतंकवादी कहने में कुछ गलत नहीं है।
साध्वी प्रज्ञा की भावुक प्रतिक्रिया
वहीं, साध्वी प्रज्ञा अदालत में ही भावुक हो गईं। रोते हुए उन्होंने कहा — “मेरे ऊपर आतंकवादी का टैग लगाया गया। मेरी पूरी जिंदगी बर्बाद कर दी गई। मैं संन्यासी थी, इसलिए जिंदा रह गई, वरना रोज-रोज मरने जैसा जीना पड़ा।”
कांग्रेस की पुरानी रणनीति पर सवाल
दरअसल, कांग्रेस का यह रवैया कोई नया नहीं है। भगवा आतंकवाद की थ्योरी रचने से लेकर अब हिंदू आतंकवाद कहने तक, कांग्रेस ने बार-बार हिंदू समाज को कलंकित करने की कोशिश की है। असल सवाल यह है कि जब अदालत ने आरोपियों को निर्दोष पाया है। तो क्या कांग्रेस को देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है..? या फिर उसकी राजनीति ही हिंदू आस्था को ठेस पहुँचाने पर टिकी है.?

















