आगरा कन्वर्जन की जड़ें पाकिस्तान से भी जुड़ रही हैं। इसमें पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई भी सक्रिय था। कन्वर्जन की आड़ में ISI भारत में अपनी लेडी बिग्रेड तैयार करने की साजिश रच रहा था। जांच में इसका खुलासा होते ही पाकिस्तान की बड़ी साजिश बेनकाब हुई है। कन्वर्जन की आड़ में आईएसआई पूरे भारत में लेडी स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश रच रहा था। बता दें कि इस मतांतरण केस का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान है और जांच एजेंसियां उसे लेकर हर दिन नये खुलासे कर रही हैं। हिंदू महिलाओं को अब्दुल रहमान से मिलाने का काम आयशा करती थी। कन्वर्जन की शिकार हुईं कई महिलाओं ने बताया कि अब्दुल रहमान और आयशा उनका ब्रेनवॉश करती और फिर उनका निकाह करा दिया जाता।
इस्लाम धर्म अपनाने के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग
आगरा मतांतरण केस में जांच एजेंसियों को क्रिप्टो और डॉलर में फंडिंग के सबूत मिले हैं। फिलीपींस में एक एनजीओ गो फंड मी (GO Fund Me) को कन्वर्जन का पैसा भेजा जा रहा था। फंडिंग कनाडा और इंग्लैड के जरिए चंदे की शक्ल में भारत में हो रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा रोहतक की दलित लड़की के कन्वर्जन के बाद जांच एजेंसियों को पता चला। इस्लाम धर्म अपनाने के लिए हिंदू युवतियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाती थी। व्हॉट्सप ग्रुप बनाया गया था। पीड़ित लड़कियों को ब्रेनवॉश के जरिए जेहाद के लिए भी उकसाया जा रहा था। पाकिस्तान के यूट्यूबर तनवीर अहमद और साहिल अदीब भी इसमें संलिप्त थे। ये ही लड़कियों को इस्लाम मजहब अपनाने के लिए ऑनलाइन ट्रैनिंग दे रहे थे।
ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम करते हैं। इस सिंडीकेट को कनाडा में मौजूद सैयद दाऊद फंडिंग कर रहा था। सैयद दाऊद मध्य प्रदेश के गांधी नगर का रहने वाला है और कनाडा में इस्लामिक के सेंटर चलाता है। इस गैंग के तार कश्मीर से भी जुड़ रहे हैं। यूपी ATS के अलावा सेंट्रल एजेंसिया भी इस मामले में अलग-अलग एंगल से जांच कर रही हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के तनवीर अहमद और साहिल अदीब इस सिंडिकेट के मास्टरमाइंड हो सकते हैं। जिस व्हॉट्सएप ग्रुप को चलाया जा रहा था उसके एडमिन ये दोनों ही थे। इसमें 100 से ज्यादा हिंदू लड़कियां जुड़ी हुई थीं। इन सभी का कन्वर्जन कराया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि कश्मीर का एक ग्रुप हिंदू लड़कियों को कट्टरपंथी बना रहा था। गैंग के सरगनाओं ने उनको यह जिम्मेदारी सौंपी थी। कन्वर्ट हुई हिंदू लड़कियों को जूम लिंक भेजकर नमाज अदा करवाई जाती थी और इस्लाम के बारे में जानकारी दी जाती थी। उनकी क्लास होती थी जिसमें उनको जिहादी बनाया जाता था।

















