महाराष्ट्र के लातूर जिले से एक एचआईवी (HIV) संक्रमित नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का मामला सामने आया है। यह घटना लातूर जिले के औसा तालुका स्थित एक नामी एचआईवी संक्रमित आश्रय गृह में हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि दुष्कर्म से पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसको बाद में गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में ढोकी पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि संस्था प्रमुख ने सभी आरोपों से इनकार किया और इसे साजिश बताया है। बताया जा रहा है कि इस संस्थान में कुछ अन्य लड़कियों ने भी अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, औसा तालुका स्थित एक नामी संस्थान में एचआईवी संक्रमित लड़के-लड़कियों के लिए आवास है। यही पर एचआईवी संक्रमित नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार की घटना हुई। पीड़िता मूल रूप से धाराशिव जिले की रहने वाली है। दुष्कर्म के बाद उसने ढोकी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। लड़की ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि उसके साथ कुछ और लड़कियों के साथ भी गलत काम किया गया है।
इस मामले में संस्था के दो निदेशक मुख्य आरोपी हैं। वहीं, एक कर्मचारी जिसने लिखित शिकायत दर्ज कराने पर लड़कियों से दुर्व्यवहार किया उसे भी आरोपी बनाया गया है। इस तरह इस मामले में कुल छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूछताछ के दौरान संस्था प्रमुख रवि बापटले ने सभी आरोपों से इनकार किया और दावा किया है कि आश्रय गृह में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने इस घटना को एक बड़ी साजिश बताया है।
बता दें कि यह मामला ढोकी थाने में दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस ने घटना की गंभीरता और उसके क्षेत्राधिकार को देखते हुए इसे औसा पुलिस को स्थानांतरित कर दिया है। इस घटना से समाज में आक्रोश फैल गया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

















