रुद्रपुर में गत 19 जुलाई को उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 का आयोजन हुआ, जो दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की उपलब्धि का उत्सव था। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ बताते हुए कहा कि जब वे इस धरती पर आते हैं तो नई ऊर्जा और चेतना लेकर लौटते हैं। उन्होंने उत्तराखंड की नदियों को भारत की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि ये नदियां देश के लगभग आधे हिस्से की पेयजल और सिंचाई जरूरतों को पूरा करती हैं।
गृह मंत्री ने दिसंबर 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए थे, जिनमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है। इससे 81,000 प्रत्यक्ष और 2.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने इसे ‘एक पहाड़ी राज्य में विकास की चोटी पर चढ़ने जैसा’ प्रयास बताया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उनकी टीम की इस उपलब्धि पर सराहना की।
निवेश उत्सव में यह जानकारी दी गई कि अब उत्तराखंड के द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में भी उद्योग स्थापित हो रहे हैं। राज्य सरकार ने पारदर्शी नीतियों, तेज क्रियान्वयन और पर्यावरण-संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ विकास की एक नई रूपरेखा तैयार की है। पर्यटन और तीर्थाटन को बारह महीने कारोबार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, ताकि उत्तराखंड में पूरे साल पर्यटक आकर्षित हो सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑलवेदर रोड परियोजना के विजन का उल्लेख करते हुए बताया गया कि चारधाम को सभी मौसमों में जोड़ने की योजना से पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को बड़ी मजबूती मिली है। धामी सरकार ने पर्यटन, एमएसएमई, स्टार्टअप और फिल्म नीति जैसे क्षेत्रों में नवाचार कर निवेश को आकर्षित किया है। आने वाले समय में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक उपचार और जैविक खेती उत्तराखंड के विकास का आधार बनेंगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह उत्सव केवल आर्थिक निवेश का प्रतीक नहीं है, बल्कि राज्य की समृद्ध संभावनाओं, उद्यमिता और जनभागीदारी आधारित समावेशी विकास का उत्सव है। राज्य में अब तक 30 से अधिक औद्योगिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की स्थापना की गई है और ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को डिजिटल सुविधा दी जा रही है। प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में काशीपुर अरोमा पार्क, सितारगंज प्लास्टिक पार्क, पंतनगर मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क और खुरपिया इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी शामिल हैं।

खुरपिया में बनने वाली स्मार्ट सिटी 13,000 करोड़ की लागत से विकसित की जा रही है, जो राज्य के औद्योगिक भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। वर्तमान में प्रदेश में 260 से अधिक व्यावसायिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हुई है। इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने उत्तराखंड को ‘भारत माता का मुकुट’ बताते हुए राज्य सरकार की वेलनेस नीति और हरित ऊर्जा प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर विकास की ओर बढ़ रही है। राज्य सौर ऊर्जा और हाइड्रो पावर के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है।
उत्तराखंड निवेश उत्सव-2025 राज्य को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो निवेश, नवाचार और समावेशी विकास के माध्यम से उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद जगाता है।
















