दिल्ली में संसद भवन के पास एक मस्जिद में समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव अपने सांसदों के साथ बैठक करके चौतरफा घिर गए हैं। बीजेपी के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव और रामपुर के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के इस कृत्य पर सवाल उठाया है। रजवी ने इसे शर्मनाक बताते हुए उन्हें पूरी कौम से माफी मांगने के लिए कहा है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो मुस्लिम संगठन उनके खिलाफ आंदोलन करेंगे।
‘मस्जिद खुदा का घर है, यहां सियासत नहीं की जा सकती’
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, “मस्जिद खुदा का घर है, यहां सियासत नहीं की जा सकती। उन्होंने यह काम करके बहुत बड़ा गुनाह किया है। इसके लिए उन्हें पूरी कौम से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने खुदा की इबादत करने वाली जगह को सियासत का अखाड़ा बना दिया। मस्जिद का इस्लाम में महत्वपूर्ण स्थान है। मुसलमान मस्जिद में पांच वक्त की नमाज पढ़ने के लिए जाता है। जब वह मस्जिद पहुंचता है तो दुनियादारी को छोड़कर खुदा की इबादत में मसरूफ हो जाता है। फिर वहां पर राजनीतिक बातों का कोई महत्व नहीं रह जाता और न ही उनको इसका अधिकार इस्लाम ने दिया है। अगर वह इस मसले पर माफी नहीं मांगते हैं तो मुस्लिम संगठन उनके खिलाफ आंदोलन करेंगे।”
‘इमाम को बर्खास्त किया जाए’
इसके साथ ही शहाबुद्दीन रजवी ने कमेटी वालों से इमाम को बर्खास्त करने की गुजारिश की। उन्होंने कहा, “रामपुर के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने जो किया, वह मस्जिद की पवित्रता को भंग करने वाला और उसकी पाकीजगी को नष्ट करने वाला कार्य है। खुदा के घर में किसी राजनीतिक पार्टी की बैठक नहीं हो सकती। मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी, जो नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित मस्जिद के इमाम हैं, उन्होंने वहां सपा की बैठक आयोजित की, जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव, धर्मेंद्र यादव, जिया उर रहमान बर्क और बहुत सारे हिंदू लोगों को बैठाया गया, जिसमें दो महिलाएं भी दिख रही हैं। यह कार्य शरीयत के खिलाफ है। मोहिबुल्लाह नदवी को मस्जिद की इमामत से हटाया जाए। हम कमेटी वालों से गुजारिश करेंगे कि वे इमाम को बर्खास्त कर दें।” मौलाना ने आगे यह भी कहा कि नदवी को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वह भविष्य में समाजवादी पार्टी की बैठक मस्जिद में नहीं करेंगे।
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अखिलेश ने मस्जिद को सपा का कार्यालय बना दिया: बीजेपी
मौलाना से पहले मस्जिद में बैठक करने को लेकर बीजेपी ने अखिलेश यादव पर सवाल उठाए थे। अखिलेश यादव संसद भवन के पास की एक मस्जिद में सपा नेताओं के साथ बैठे थे जैसे ही उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश ने इस मस्जिद को सपा का कार्यालय बना दिया है। साथ ही इसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान भी किया।

















