अमेरिका की मीडिया हस्ती टकर कार्लसन को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन ने इंटरव्यू दिया है। इसमें उन्होंने इजरायल पर उनकी हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इजरायली सेना ने जानबूझकर उसी जगह बमबारी की थी, जहां मेरी मीटिंग चल रही थी। लेकिन, वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हुए।
द गॉर्जयन की रिपोर्ट के अनुसार, पजेशकियन ने एक सवाल के जबाव में कहा, “उन्होंने कोशिश की, हाँ। उन्होंने उसी के अनुसार काम किया, लेकिन वे असफल रहे।” इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध में बुरी हार हारने के बाद ये पहली बार है, जब मसूद पजेशकियन किसी को अपना इंटरव्यू दे रहे थे। उन्होंने इस मामले में बहुत अधिक बात नहीं की, लेकिन, इतना अवश्य दावा किया कि ये अमेरिका नहीं था, जो उनकी हत्या करना चाहता था। बल्कि, इजरायल ने खुद से ऐसी कोशिश की थी।
कहा-हम युद्ध नहीं चाहते
इसके साथ ही कार्लसन को दिए इंटरव्यू में पजेशकियन ने दावा किया कि हमने इस युद्ध की शुरुआत नहीं की थी और न ही हम किसी भी और रूप में युद्ध चाहते हैं। इसके साथ ही पजेशकियन ने इजरायल पर ही आरोप मढ़ा कि उसने अमेरिका के साथ उसकी शांति वार्ता को विफल करने की कोशिश की।
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परमाणु वार्ता पर कही ये बात
इसके साथ ही ईरानी राष्ट्रपति ने दोबारा से अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता शुरू करने के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि ईरान को इस वार्ता से कोई समस्या नहीं है, लेकिन सबसे पहले अमेरिका के साथ विश्वास बहाली करने की आवश्यकता है। हाल ही डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि इजरायल को उन्होंने खामेनेई की हत्या करने से रोका था।
क्या कहता है इजरायल
वहीं इजरायल का कहना है कि ईरान के साथ युद्ध छेड़ने का मतलब केवल उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था। इजरायल ने किया भी वैसा ही था। उसने ईरान पर पहली एयरस्ट्राइक 13 जून को की थी। 12 दिनों के युद्ध के दौरान अपने हर हमले में इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों, परमाणु वैज्ञानिकों पर हमले किए थे। इसके अलावा उसने ईरान के हाई वैल्यु टारगेट जैसे आईआरजीसी के कमांडरों की हत्या करना, को ही लक्षित किया था। उसकी कोशिश ये रही कि वो ईऱान को परमाणु हथियार न बनाने दे।

















