टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने अमेरिकी राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘अमेरिका पार्टी’ शुरू करने का ऐलान किया है, जो उनके और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हालिया तकरार के बाद आया। मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पार्टी का जिक्र करते हुए मौजूदा डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों को “लोगों से कटा हुआ” और “पुराना” करार दिया। उनका दावा है कि उनकी पार्टी आम अमेरिकियों की आवाज बनेगी और देश को सही दिशा में ले जाएगी।यह फैसला तब सामने आया, जब ट्रंप के समर्थन वाले ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ को कांग्रेस ने हरी झंडी दी। इस बिल में भारी खर्चे और टैक्स कटौती की बात थी, जिसे मस्क ने “अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला” और “फिजूलखर्ची का अड्डा” बताया।
उन्होंने X पर अपने 22 करोड़ फॉलोअर्स से एक पोल में पूछा कि क्या अमेरिका को एक नई पार्टी चाहिए, जो मध्यमार्गी 80% लोगों की बात रखे। पोल में 65% से ज्यादा लोगों ने हां कहा, और इसके बाद मस्क ने ‘अमेरिका पार्टी’ की नींव रख दी।
The way we’re going to crack the uniparty system is by using a variant of how Epaminondas shattered the myth of Spartan invincibility at Leuctra:
Extremely concentrated force at a precise location on the battlefield.
— Elon Musk (@elonmusk) July 5, 2025
‘अमेरिका पार्टी’ का मकसद और रणनीति
मस्क ने बताया कि उनकी पार्टी का फोकस कांग्रेस में गिनती की सीटों पर होगा—2-3 सीनेट सीटें और 8-10 हाउस सीटें। उनका मानना है कि इतनी सीटें भी मौजूदा पावर बैलेंस को हिला सकती हैं और विवादित कानूनों को रोक सकती हैं। मस्क इसे “लोगों की असली मर्जी” को सामने लाने का रास्ता मानते हैं। हालांकि, उन्होंने पार्टी के नेतृत्व, फंडिंग, या 2028 के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी भूमिका के बारे में ज्यादा खुलासा नहीं किया। जानकारों का अनुमान है कि मस्क, जिनकी संपत्ति 400 बिलियन डॉलर से ज्यादा है, इस पार्टी के लिए बड़ा फंड दे सकते हैं। उनकी ‘अमेरिका PAC’, जिसने 2024 में ट्रंप के लिए 40.5 मिलियन डॉलर खर्च किए थे, शायद इस नए मिशन का आधार बने।
ट्रंप से टकराव
2024 के चुनाव में मस्क और ट्रंप का रिश्ता दोस्ताना था। मस्क ने ट्रंप के कैंपेन में 280 मिलियन डॉलर से ज्यादा का चंदा दिया और ट्रंप प्रशासन में ‘डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी’ (DOGE) का नेतृत्व भी किया। मगर मई 2025 में उनकी सरकारी भूमिका खत्म होने के बाद, मस्क ने उस बिल की तीखी आलोचना शुरू की, जिसे वे DOGE के मिशन के खिलाफ मानते थे। ट्रंप ने जवाब में मस्क की कंपनियों को मिलने वाली सरकारी मदद और कॉन्ट्रैक्ट्स खत्म करने की धमकी दी और उन्हें “दक्षिण अफ्रीका लौट जाने” तक कह डाला। मस्क ने भी तीखा पलटवार किया, दावा करते हुए कि उनकी मदद के बिना ट्रंप 2024 का चुनाव नहीं जीत पाते।
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तीसरी पार्टी की राह में रोड़े
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में तीसरी पार्टी खड़ी करना कोई आसान खेल नहीं। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टियों का दबदबा है, और उनके पास हर राज्य में मतपत्र तक आसान पहुंच है। नई पार्टी को हर राज्य के अलग-अलग नियमों और कानूनी पचड़ों से जूझना होगा। कईयों को लगता है कि 2026 के मध्यावधि चुनाव तक मस्क की पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर जड़ें जमाना मुश्किल होगा। कुछ रिपब्लिकन समर्थकों को डर है कि यह नई पार्टी उनके वोट बांट सकती है, जिससे डेमोक्रेट्स को फायदा पहुंचेगा।
क्या होगा आगे?
मस्क की ‘अमेरिका पार्टी’ ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। मगर यह अभी साफ नहीं कि यह पार्टी सिर्फ एक जोरदार बयानबाजी है या वाकई दो-पार्टी सिस्टम को चुनौती दे पाएगी। मस्क का इतिहास रहा है बड़े-बड़े वादे करने का, जिन्हें पूरा करना आसान नहीं होता—जैसे DOGE का 2 ट्रिलियन डॉलर की कटौती का लक्ष्य, जो बाद में 150 बिलियन तक सिमट गया। क्या मस्क का यह नया दांव अमेरिकी राजनीति को बदल देगा, या यह सिर्फ ट्रंप के साथ उनकी निजी लड़ाई का नतीजा है? इसका जवाब वक्त ही बताएगा।

















