इजरायल के साथ युद्ध के दौरान ऐसी खबर आई थी कि ईरान में खामेनेई के खिलाफ विद्रोह हो सकता है, जिसे कुचलने के लिए ईरानी सरकार ने बड़े पैमाने असहमति की आवाज उठाने वालों को गिरफ्तार किया। अब ओस्लो स्थित मानवाधिकार समूह ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले महीने इजरायल के साथ 12 दिनों के सैन्य संघर्ष के दौरान ईरान ने कम से कम 21 लोगों को मौत की सजा दी, जिनमें से छह पर इजरायल के लिए जासूसी करने का आरोप था।
ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, मानवाधिकार संगठन ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि ईरान ने कथित जासूसी के कई मामलों में जल्दबाजी में मुकदमे चलाए। ऐसे ही एक राजनीतिक कैदी इस्माइल फ़ेकरी थे, जिन्हें वकील की पहुंच के बिना ही मात्र 10 मिनट की नाटकीय सुनवाई और उसके बाद फांसी दे दी गई। इसी तरह, मोहम्मद अमीन महदवी शायेस्तेह को प्रताड़ित कर अपराध कबूल करवाया गया और फिर उन्हें फांसी दे दी गई। इसके अलावा, तीन कुर्द व्यक्तियों, जिनमें एक इराकी नागरिक शामिल था, को 2020 में परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फ़ख़रीज़ादेह की हत्या में सहायता करने के आरोप में फांसी दी गई।
नशीली दवाओं के लिए फांसी
कई लोगों को महज इसलिए फांसी पर चढ़ा दिया गया, क्योंकि उनपर नशीली दवाओं से संबंधित आरोप थे। जून में कुल 98 लोगों को फांसी दी गई, जिनमें से लगभग आधे पर नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों के आरोप थे। इसके अलावा, 32 लोगों को इस्लामी कानून के तहत हत्या के लिए प्रतिशोध के रूप में मौत की सजा दी गई। इसमें ईरान के कुर्द, अफगान नागरिक, बलूच अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य, अरब और एक महिला शामिल हैं।
इसे भी पढ़ें: युद्ध के बाद ईरान का खौफ: 600 से अधिक फांसी, असंतोष पर प्रहार
ईरान अपने ही लोगों को मानता है खतरा
IHR के निदेशक महमूद अमीरी-मोगद्दाम का कहना है कि फिलहाल ईरान इतिहास के सबसे बुरे दौर में है, जहां के मौलवी खुद को बचाए रखने के लिए फांसी की सजा का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “ईरानी लोग इस्लामिक गणराज्य के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं, और इसे दबाने के लिए फांसी की सजा का उपयोग बढ़ रहा है।” यह कार्रवाई हाल के सैन्य और परमाणु कार्यक्रमों को झटका देने वाले संघर्ष के बाद और तेज हुई है।
ईरान में फांसी की सजा में 119 फीसदी की वृद्धि
मानवाधिकार संगठन IHR कहता है कि इस वर्ष 2025 की पहली छमाही में ईरान में कम से कम 612 लोगों को फांसी दी गई, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 119% अधिक है। 2024 में दुनिया भर में होने वाली सभी फांसी में से 64% अकेले ईरान में हुईं, जहां कम से कम 972 लोगों को मौत की सजा दी गई।

















