वाराणसी। मां गंगा का जलस्तर काशी में तीनों दिनों में 11 फीट बढ़ गया है। कुछ घाटों का संपर्क भी टूट गया है। महाश्मशान मणिकर्णिका घाट का प्लेटफॉर्म भी डूब गया है। बचे प्लेटफॉर्म के साथ छतों पर शवों अंतिम संस्कार किया जा रहा है। घाटों पर सौ से ऊपर छोटे छोटे मंदिर डूब गए हैं। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर 62.52 मीटर हो गया है। वार्निंग लेवल 70.26 मीटर और डेंजर लेवल 71.26 मीटर है।
काशी का विश्व प्रसिद्ध मंदिर रत्नेश्वर महादेव का मंदिर भी जलमग्न हो चुका है। मणिकर्णिका घाट की ओर से विश्वनाथ मंदिर गंगा द्वार की सीढ़ियां भी डूब गई हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट के पुरोहितों और पंडो की सैकड़ों चौकियां डूब गई हैं। दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट के आरती स्थल तक गंगा का पानी पहुंच रहा है। ऐसा हुआ तो आरती स्थल भी बदलना होगा।
इसे भी पढ़ें: काशी बनेगा योग पर्यटन का नया केंद्र
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया गया है। बाढ़ चौकी, प्राथमिक विद्यालय, वरुणा जोन का निरीक्षण किया गया है। विद्यालय परिसर में टेंट लगवाने और खाने पीने के इंतजाम को लेकर तैयारी रखने को कहा गया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। क्षमता से ज्यादा नावों पर पर्यटकों को न बैठाने की हिदायत भी नाविकों को दी गई है। लाइफ जैकेट को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

















