प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूरोपीय देशों के दौरे पर हैं। अपनी यात्रा के अंतिम पड़ाव पर वह मंगलवार (19 मई) को इटली की राजधानी रोम पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रसिद्ध इतालवी कलाकार जियामपाओलो टोमासेटी (Giampaolo Tomassetti) ने पीएम मोदी को वाराणसी की एक पेंटिंग भेंट की।
बनारस के घाटों की यह जीवंत पेंटिंग भारत और इटली के बीच सांस्कृतिक मित्रता का प्रतीक बन गई। कलाकार ने इस पेंटिंग में काशी के घाट की झलक दिखाई है। यह इतालवी कलाकार की भारत के प्रति निष्ठा और प्रेम को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अद्भुत कला की प्रशंसा करते हुए पेटिंग की तस्वीर अपने एक्स अकाउंट पर साझा कर इसे ‘रोम में काशी की एक झलक’ बताया।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “रोम में काशी की एक झलक! इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी ने वाराणसी पर वाराणसी पर आधारित अपनी पेंटिंग भेंट की। भारतीय संस्कृति के प्रति उनका लगाव चार दशकों से भी अधिक पुराना है। 1980 के दशक में उन्होंने वैदिक संस्कृति से आधारित पुस्तकों के लिए एक चित्रकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वर्ष 2008 से 2013 के बीच उन्होंने महाभारत से संबंधित 23 विशाल चित्र तैयार किए।”
पीएम ने पेंटिंग की प्रशंसा की
टोमासेटी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीएम मोदी ने भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी उनकी पेंटिंग की जमकर सराहना की और इस कृति को बनाने में लगे समय के बारे में उनसे पूछा। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें बताया कि यह पेंटिंग इतालवी कलाकार की दृष्टि और भारत के बीच एक सेतु की तरह है। जब मोदी ने मुझसे पूछा कि इसे बनाने में आपको कितना समय लगा, तक मैंने कहा कि लगभग दो हफ्ते।”
भारतीय संस्कृति, मूर्तियों और पेंटिंग्स में अत्यंत समृद्ध
चित्रकार के अनुसार उन्होंने वर्षों तक भारतीय कला और साहित्य का अध्ययन इतालवी दृष्टिकोण से किया। इस दौरान टोमासेटी ने पाया कि भारतीय संस्कृति, मूर्तियों और पेंटिंग्स में अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने भगवद् गीता, महाभारत और रामायण जैसे प्राचीन ग्रंथों का भी अध्ययन किया और उनसे प्रेरित होकर अपनी कला को नया आयाम दिया।
इतालवी कलाकार ने चित्र को गढ़ने के लिए प्रयोग में लाई गई तकनीक के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह पेंटिंग एक्रिलिक रंगों का उपयोग करके गंगा के तट पर वाराणसी के पवित्र घाटों को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “मैं इसे होली वाराणसी कहता हूं। यह बहुत रंगीन है, जो भारत की जीवंत संस्कृति को दर्शाता है।”
भारत-इटली के संबंध और होंगे मजबूत
बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी 15 से 20 मई तक की पांच देशों की अपनी यात्रा के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली पहुंचे। इससे पहले वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे की यात्रा पर गए थे। द्विपक्षीय वार्ता से पहले इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मोदी के लिए डिनर का आयोजन किया और उन्हें ऐतिहासिक कोलोसियम का भ्रमण भी कराया। भारत-इटली के संबंधों को और मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत को अहम माना जा रहा है।

















