RSS: सेवा ही हमारा धर्म... 29 साल पहले को वह विमान हादसा
August 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

RSS: सेवा ही हमारा धर्म… 29 साल पहले का वह विमान हादसा

अहमदाबाद विमान हादसे जैसा मंजर 12 नवंबर सन् 1996 के चरखी दादरी विमान दुर्घटना के समय का भी था

Written byशशिप्रभा तिवारीशशिप्रभा तिवारी
Jun 17, 2025, 11:59 am IST
in भारत, संघ @100
अहमदाबाद विमान हादसे के बाद अस्पताल के बाहर राहत सामग्री के साथ संघ के स्वयंसेवक

अहमदाबाद विमान हादसे के बाद अस्पताल के बाहर राहत सामग्री के साथ संघ के स्वयंसेवक

महाभारत के अनुशासन पर्व के अध्याय 116 में अहिंसा परमो धर्मः यह उद्धरण में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संदर्भ यदि यह कहा जाए कि सेवा परमो धर्मः तो यह शत प्रतिशत सही होगा। देश के किसी भी कोने में कभी भी कोई संकट, त्रासदी या कोई दुर्घटना हुई संघ के स्वंयसेवकों की टोली ने अपनी सेवा कार्य से मानवता को गौरवान्वित किया है। चाहे वह कोरोना काल रहा हो, केरल के वायनाड का भूस्खलन की अकल्पनीय तबाही का मंजर हो या पिछले दिनों 12 जून को अहमदाबाद विमान दुर्घटना की स्थिति हो। देश के लगभग हर विषम परिस्थिति और संकट काल में स्वयंसेवकों ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर मानव सेवा का धर्म निभाया है।

अहमदाबाद विमान हादसे जैसा मंजर 12 नवंबर सन् 1996 के चरखी दादरी विमान दुर्घटना के समय का भी था। जब शाम 6 बजकर 32 मिनट पर राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सऊदी अरब के लिए विमान ने उड़ान भरी थी। इस विमान में सवार अधिकतर यात्री सऊदी अरब में नौकरी करने जा रहे थे। कुछ हज यात्री भी थे। जबकि दूसरी ओर से कजाकिस्तान एयरलाइंस का विमान दिल्ली हवाई अड्डे की ओर आ रहा था, जिसमें अधिकतर व्यापारी थे। एयर कंट्रोलर की भाषा पायलट नहीं समझ पाया और विश्व की सबसे बड़ी विमान दुर्घटना हो गई। जबकि, दोनों ही विमानों को कंट्रोलर वी के दत्ता कंट्रोल कर रहे थे। इस विमान हादसे में करीब 349 लोग मारे गए थे।

इस संदर्भ में, दी न्यूयार्क टाइम्स में जाॅन एफ‐ बन्र्स की रिपोर्ट 13 नवंबर 1996 में छपी थी। रिपोर्टर बन्र्स ने यूनाइटेड स्टेट एयर फोर्स के हवाले से लिखा कि मालवाहक विमान सी 141 का पायलट अमेरिकी दूतावास का सामान लेकर आ रहा था। उसने बताया कि हमारे विमान के दाहिने हाथ की ओर बादलों के बीच आग का चमकता हुआ गोला दिखा। कुछ देर बाद ही, दो आग के गोले बादलों के बीच उभरे और भयंकर विस्फोट हुआ। दूर-दूर तक विमान का मलवा बिखर गया।

सबसे पहले पहुंचे आरएसएस के स्वयंसेवक

उस विमान दुर्घटना के तुरंत बाद ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक सबसे पहले दुर्घटना स्थल पर राहत व बचाव के लिए पहुंचे। उनकी प्रशंसा करते हुए तत्कालीन केंद्नीय नागरिक उड्डयन मंत्री सी‐ एम‐ इब्राहिम ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर लोक सेवा का कार्य किया है। जबकि, चरखी दादरी के ईदगाह के मौलवी मोहम्मद हामिद ने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मानवता के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है। मौलवी मोहम्मद हामिद ने कहा कि मेरी तो तह-ए-दिल से गुजारिश है अल्लाह से कि इन सभी कार्यकर्ताओं  को उम्रदराज करें। इस गमजदा माहौल में जिस तरह जीतराम जी व संघ के दूसरे कार्यकर्ताओं ने हमारा साथ दिया और आंसू पोंछे हैं, उससे कभी यह महसूस नहीं हुआ कि हम अलग धर्म के हैं। अल्लाह से गुजारिश है कि हम सभी इसी तरह प्रेम से रहें, ऐसी रहमत रखें।

स्वयंसेवकों की मदद से संभव हो पाया सहायता कार्य

मौलवी हामिद के अलावा, चरखी दादरी के तहसीलदार भलेराम ने कहा कि जो भी सहायता कार्य हुआ, वह तो केवल संघ के स्वयंसेवकों की मदद से ही संभव हो पाया है। हम शवों को अस्पताल पहुंचाने, उनकी शिनाख्त करवाने, सामूहिक अंतिम संस्कार या अन्य कार्याें के लिए उनकी जितनी प्रशंसा कर सकते हैं, वह कम है।

घंटे भर में हो गई सारी व्यवस्था

उस समय चरखी दादरी के आस-पास चार पांच किलोमीटर के क्षेत्र में इस विमान का मलबा बिखर गया था। यह मलबा ढाणी फौगाट, खेड़ी सोनावाल, बिरोहर और मालियावास गांवों के खेतों में बिखरा पड़ा था। घटनास्थल के आस-पास जनरेटर और पेट्रोमैक्स के जरिए बिजली और रोशनी की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, शहर के तीन धर्मशालाओं में दुर्घटनाग्रस्त विमान यात्रियों के परिजनों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई थी। यह सारी व्यवस्थाएं भिवानी जिले के संघचालक श्री जीतरामजी ने घंटे भर के प्रयासों में ही कर दिया था। बताया जाता है कि उस भयावह रात में ही श्री जीतराम जी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने ‘विमान दुर्घटना पीड़ित सहायता समिति‘ का गठन किया। इस समिति में विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज, विद्यार्थी परिषद और गुरुद्वारा समिति सहित अनेक सामाजिक संस्थाओं के लोगों को शामिल किया गया था। सभी लोगों ने मिलकर युद्धस्तर पर कार्य किया।

पेट्रोमैक्स की रोशनी में चला राहत कार्य

रात में पेट्रोमैक्स की रोशनी में स्वयंसेवकों का दल जीवित बचे यात्रियों को बचाने के लिए जुट गया था। इस संदर्भ में, पच्चासी वर्षीय संघचालक श्री जीतराम गुप्ता जी ने बताया कि मैं उस समय अपने कार्यालय में था। तेज आवाज सुनकर मेरा दिल दहल गया था। मैंने बाहर आकर देखा तो नजारा समझ में आया। वह स्थान दादरी से पांच किलोमीटर दूर था। हम करीब दस-बारह लोग घटना स्थल पर पहुंचे। उस समय खेतों में जले, अधजले, क्षत-विक्षत अंगों व शवों को गांव के लोगों की मदद से ट्रैक्टरों में लादकर हटाया गया था।

ज्यादातर यात्री मुस्लिम और ईसाई थे

स्वयंसेवक विजय वत्स बताते हैं कि उस समय शवों को सुरक्षित रखना भी एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए बर्फ की सिल्लियों की जरूरत थी। इसलिए भिवानी, झज्जर और रेवाड़ी की बर्फ फैक्ट्रियों और आरा मशीनों को आधी रात में ही चालू करवाया गया। उन्हीं शहरों से बर्फ और ताबूत मंगाए गए। सुबह के पांच बजे तक लगभग 159 शवों को भिवानी के सिविल अस्पताल में पहुंचाया जा चुका था। ज्यादातर विमान यात्री मुस्लिम या इसाई थे, इसलिए उनके धर्म के अनुसार ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके लिए स्थानीय मौलवी और दिल्ली से आए इस्लामिया प्रतिनिधिमंडल की भी सहायता ली गई। जिन यात्रियों के परिजन नहीं पहुंच पाए उनको अंतिम विदाई संघ के स्वयंसेवकों ने दी।

तीन दिनों तक जुटे रहे स्वयंसेवक

बहरहाल, स्वयंसेवकों और ग्रामीणों की तत्परता देखकर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी सहायता के लिए जुट गए थे। प्रशासन के साथ-साथ इन सहायता एवं राहत-बचाव कार्य में स्वयंसेवकों का दल तीन दिनों तक जुटा रहा। उस समय के क्षेत्रीय प्रचारक श्री प्रेम गोयल जी को इस सद्भावनापूर्ण कार्य के लिए मुस्लिम समुदाय की ओर से सम्मानित भी किया गया।

इसके बावजूद इरफान हबीब ने उगला जहर

इस दुर्घटना के कुछ महीने बाद ही, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आयोजित एक गोष्ठी में इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्र-विरोधी संस्था है। इसके खिलाफ, संघ के आगरा ब्रज प्रांत के प्रचार टोली के सदस्य भूपेन्द्र शर्मा ने इतिहासकार इरफान हबीब को चेतावनी देते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में झूठे प्रचार न करें अन्यथा उनके खिलाफ कोर्ट में शिकायत दर्ज की जाएगी।

आज भी लगा है बोर्ड

आज भी चरखी दादरी के चिड़िया मोड़ पर उस विमान हादसे की यादें मौजूद हैं। वहां कब्रिस्तान में 29 साल पहले विमान हादसे का बोर्ड लगा हुआ है। इस बोर्ड में मृतकों की राष्ट्रीयता के आधार पर संख्या अंकित की गई है। इसमें भारत, सऊदी अरब, नेपाल, पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और बांग्लादेश के निवासी थे।

नर सेवा ही नारायण सेवा

12 जून 2025 को एयर इंडिया का पैसेंजर फ्लाइट ए आई 171 विमान दुर्घटना स्थल पर आधे घंटे के भीतर ही अहमदाबाद के मेघानीनगर के महानगर कार्यवाह हार्दिक पारीख लगभग दो सौ तरुणों के साथ दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने में जुट गए। कुछ युवाओं ने बी‐जे‐ मेडिकल काॅलेज एवं सिविल अस्पताल के माॅर्चरी की तरफ अपनों के खोने के गम में रोते बिलखते परिजनों को संभाला तो कुछ आस-पास के लोगों के लिए चाय, पानी और भोजन की व्यवस्था में जुट गए। दरअसल, संघ मानता है कि एकात्मता यानी नर सेवा ही नारायण सेवा है।

Topics: आरएसएसअहिंसा परमो धर्मअहमदाबाद विमान हादसाआरएसएस सेवा कार्यआरएसएस का ध्येयचरखी दादरी विमान हादसासेवा परमो धर्मःराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
Share3TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

गुरु पूर्णिमा पर विशेष : ऐसे शुरू हुई गुरु दक्षिणा की परंपरा

Assam Flood 2026 RSS Volunteers Relief Work Sivasagar Betbari Amguri Food Water Distribution Panchjanya

“नर सेवा ही नारायण सेवा”: असम में भयावह बाढ़ के बीच पीड़ितों का सहारा बने संघ के स्वयंसेवक, देखिए तस्वीरें!

माता रेवतीबाई संस्कार केंद्र का उद्घाटन संपन्न, बच्चों में संस्कार एवं राष्ट्रभाव जागृत करने का संकल्प

Bharat Vikas Parishad Membership Campaign RSS Panch Parivartan Sutra Emerging India Social Service

‘उभरते भारत’ में महासंकल्प को तैयार भारत विकास परिषद! 2 लाख परिवारों तक सदस्यता और घर-घर पहुंचेगा ‘पंच परिवर्तन’ सूत्र

Social worker Nand kishore Goynka passes away

प्रसिद्ध समाजसेवी नंदकिशोर गोयंका का 96 वर्ष की आयु में निधन, RSS ने जताया शोक

देशभर में संघ के 95 प्रशिक्षण वर्ग सफल, 18,842 स्वयंसेवक हुए प्रशिक्षित

Load More

ताज़ा समाचार

बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं चारधाम यात्रा।

विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन रहा उत्तराखंड, चारधाम समेत अन्य मंदिरों में रिकॉर्ड श्रद्धालु, PM मोदी का जताया आभार

कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपटि, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी , स्वामी मुकुंदानंद।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया, युवाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर

राष्ट्रमंडल खेल में भारतीय महिला खिलाड़ियों का स्वर्णिम सफर

राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत के 13 में से आठ स्वर्ण महिलाओं के नाम, ‘नारी शक्ति’ बनी भारतीय अभियान की ताकत

मुख्तार गैंग के शार्प शूटर अंगद राय पर शिकंजा, 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

मुख्तार गैंग के शार्प शूटर अंगद राय पर शिकंजा, 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

Uttarakhand kanwar yatra

कांवड़ियों का सैलाब बढ़ने से पहले पुलिस ने कसी कमर, कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से शहर-देहात की परखी निगरानी

देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू, जबरन कन्वर्जन कराने पर 10 साल तक की सजा

भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में राष्ट्रमंडल ध्वज भारत को सौंपा गया।

राष्ट्रमंडल खेल का भव्य समापन, 2030 की मेजबानी भारत को सौंपी गई

मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ

यूपी में अवैध खनन पर यूपी सरकार का डिजिटल प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जिनके जेब से राममंदिर निर्माण के लिए एक पैसा नहीं निकला, वे कर रहे चंदा चोरी की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आरोपी सलमान

सलमान ने हिंदू किशोरी को शिकार बनाने के लिए हाथ पर ओम गुदवाकर पहना महाकाल का कड़ा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies