इजरायली स्ट्राइक के बाद ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश को संबोधित किया है। अपने संबोधन में खामेनेई ने ये स्वीकार किया कि इजरायल ने ईरान में रातभर तगड़ी स्ट्राइक की है। इसके साथ उन्होंने धमकी दी कि इजरायल ने अपने इस कृत्य के लिए ‘कड़वी और दर्दनाक’ नियति को तय कर लिया है।
ईरान की समाचार एजेंसी इरना ने रिपोर्ट किया कि जायोनी शासन को कठोर दंड भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जायोनी शासन ने अपने दुष्ट और खूनी हाथों से हमारे प्यारे देश में अपराध किया। उसने आवासीय क्षेत्रों पर हमले करके अपनी दुष्ट प्रकृति को दिखाया है। अब उसे कठोर प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए।
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कई कमांडरों और वैज्ञानिकों की हत्या
खामेनेई ने अपने संबोधन में इस बात को भी स्वीकार किया कि इजरायली हमले में उनके देश के कई सैन्य कमांडरों के साथ ही टॉप के परमाणु वैज्ञानिकों की भी मौत हुई है। उन्होंने ये भी कहा कि इनके उत्तराधिकारी और सहयोगी तत्काल प्रभाव से अपना कम शुरू कर देंगे। खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक सशस्त्र बलों का शक्तिशाली पंजा इजरायल को जकड़ लेगा। बस वह अपने दर्दनाक नियति का इंतजार करे।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, ईरान को परमाणु बम हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटीज के साथ ही टॉप सैन्य कमांडरों को भी ढेर कर किया है। इसी क्रम में ईरान के सशस्त्र बलों की चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी की भी मौत की खबर है। इसके अलावा इजरायली स्ट्राइक में IRGC के चीफ हुसैन सलामी की भी मौत हुई है।
अली खामेनेई के खास एडवाइजर की हत्या
ईरान के सर्वोच्च मजहबी नेता हैं अली खामेनेई और उनके शीर्श सलाहकार हैं शमखानी। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इजरायल के हमले में खामेनेई के शीर्ष सलाहकार शमखानी की भी मौत हो गई है। अब ईरान इजरायल पर पलटवार की तैयारी कर रहा है।
















