नई दिल्ली । जाको राखे साईंयां मार सके ना कोय.. यह कहावत रमेश विश्वास के ऊपर एक दम सटीक बैठती है। क्योंकि अहमदाबाद प्लेन क्रैश में केवल एक यात्री, रमेश विश्वास कुमार ही एक मात्र जीवित यात्री के रूप में बचे हैं। अहमदाबाद में क्रैश हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 में 242 यात्री सवार थे, जिनमें से केवल रमेश विश्वास कुमार ही सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल हुए।
ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वास कुमार फ्लाइट AI-171 में सीट नंबर 11A पर बैठे थे, यह सीट बिजनेस क्लास की सीटों के बाद इकॉनमी क्लास की सीटों में पहली पंक्ति में थी। इसके अलावा यह सीट एक्जिट रो के बिल्कुल पास थी।
40 वर्षीय भारतीय ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वास कुमार भारत में अपने परिवार से मिलने थे। फिलहाल रमेश विश्वास कुमार घायल हैं, जिनका उपचार कराया जा रहा है। 242 लोगों से भरी फ्लाइट में एक शख्स का जिंदा बचना किसी चमत्कार से काम नहीं है।
वहीं इस मामले में अमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा- “पुलिस को सीट नंबर 11A पर एक जीवित व्यक्ति मिला। व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है”।
बता दें कि अमदाबाद एयरपोर्ट से गुरुवार को दोपहर बाद उड़ान भरते ही एयर इंडिया का विमान रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने दोपहर 1:38 बजे अमदाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी और दुर्घटना 1:40 बजे हुई। इस हादसे में 240 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। हालांकि गुजरात सरकार ने अभी मौत के आंकड़े को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अमदाबाद पहुंचे।
अमित शाह ने बताया कि हादसे के महज 10 मिनट के भीतर केंद्र सरकार को इसकी सूचना मिल गई थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं स्थिति की निगरानी शुरू कर दी। केंद्र और गुजरात सरकार की सभी एजेंसियों ने समन्वित प्रयासों से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए। इस विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। अब तक केवल एक यात्री के जीवित बचने की पुष्टि हुई है।
गृह मंत्री ने कहा कि “विमान में सवा लाख लीटर ईंधन भरा हुआ था और तापमान अत्यधिक था, जिस कारण बचाव का कोई अवसर नहीं मिल पाया। घटनास्थल से सभी शव निकाल लिए गए हैं। अब शवों की पहचान के लिए 1,000 से अधिक DNA परीक्षण कराए जाएंगे, जिनमें से सभी गुजरात में ही किए जाएंगे।”
शाह ने यह भी बताया कि डीएनए सैंपल लेने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। जिन परिवारों के सदस्य विदेशों में हैं, उनसे भी संपर्क स्थापित किया जा चुका है। गुजरात की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) मिलकर डीएनए जांच को जल्द से जल्द पूरा करेंगी। इसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपा जाएगा।
सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों के लिए रहने, मानसिक सहारे और ट्रॉमा केयर की विशेष व्यवस्थाएं की गई है। साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस त्रासदी की जांच को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए एक उच्चस्तरीय जांच दल को तैनात किया है।
अमित शाह ने आखिर में कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था, जिसे कोई रोक नहीं सकता था। मैं भारत सरकार, गुजरात सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से सभी पीड़ितों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। हम इस मुश्किल समय में उनके साथ खड़े हैं।”

















