बांग्लादेश : “1971 का बदला था!”, शेख हसीना को भगाने में जमात उल दावा का हाथ, जमात ए इस्लामी से भी प्रतिबंध हटा
June 25, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

बांग्लादेश : “1971 का बदला था!”, शेख हसीना को भगाने में जमात उल दावा का हाथ, जमात ए इस्लामी से भी प्रतिबंध हटा

क्या शेख हसीना के खिलाफ हुआ बांग्लादेश आंदोलन 1971 के पाकिस्तान विभाजन का बदला था? जमात-उद-दावा के दावों से खुल रही है साजिश की परतें।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jun 1, 2025, 08:50 pm IST
in भारत, विश्व

बांग्लादेश में कथित छात्र आंदोलन के पीछे क्या जमात उद दावा का हाथ था..? और क्या यह वास्तव में पाकिस्तान के विघटन का बदला था? क्या यह शेख हसीना के परिवार के प्रति वही षड्यन्त्र था, जिसे पांचजन्य ने शुरू से कहा है? क्या यह ईस्ट पाकिस्तान की पहचान वापस पाने के लिए ही कथित आंदोलन था? यह सारे प्रश्न इसलिए अब उठ रहे हैं क्योंकि प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात उद दावा के वरिष्ठ नेताओं ने ऐसा दावा किया है कि इस संगठन ने बांग्लादेश में शेख हसीना विरोधी विरोध प्रदर्शनों में भूमिका निभाई थी।

पीटीआई के अनुसार यह दावा किया है पाकिस्तान में पंजाब प्रांत में रहीम यार खान के पास अल्लाहाबाद में एक रैली में बोलते हुए जमात के नेता सैफुल्ला कसूरी और मुजममिल हाशमी ने। कसूरी ने ढाका में हुए विद्रोह को 1971 के मुक्ति संग्राम का बदला कहा है।

उसने कहा कि “मैं चार साल का था जब 1971 में पाकिस्तान का विभाजन हुआ था। तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने घोषणा की थी कि उन्होंने खलीज (बंगाल की खाड़ी) में दो-राष्ट्र सिद्धांत को डुबो दिया है। 10 मई को, मैंने … हमने 1971 का बदला ले लिया है।“

ऐसा ही कुछ हाशमी ने गुँजरावाला में कहा था कि “हमने आपको पिछले साल बांग्लादेश में हराया है।“ इस संगठन का दावा बहुत हैरान करने वाला नहीं है, क्योंकि बांग्लादेश में शेख हसीना के जाने के बाद लगातार ही जिहादी कट्टरता बढ़ रही है। हिंदुओं के साथ जो हो रहा है, वह तो हो ही रहा है मगर साथ ही उन मुस्लिमों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है, जो अवामी लीग के समर्थक हैं और साथ ही जो बांग्लादेश के उस इतिहास को मानते हैं, जिसमें उनकी बांग्ला पहचान सम्मिलित है।

जिहादी कट्टरपंथी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में जमकर फलफूल रहे हैं और उन सभी लोगों को जेल भेजा जा रहा है, जो इस कट्टरता का विरोध कर रहे हैं। यहाँ तक कि चुनावों की बात करने वाले लोगों को भी मुल्क का दुश्मन ठहराया जा रहा है।

शेख हसीना के पिता जिन्होनें बांग्लादेश के लिए संघर्ष किया था, उनकी हर पहचान को सिरे से मिटाया जा चुका है और इतना ही नहीं जिस इंदिरा गांधी के कारण बांग्लादेश को पश्चिमी पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्ति मिली थी, उनके नाम पर बना इंदिरा गांधी कल्चरल सेंटर भी जलाया जा चुका है। अगस्त 2024 के बाद पागल भीड़ ने जैसे 1971 की हर निशानी मिटाना आरंभ कर दिया था। अब ऐसे में जब जमात उद दावा यह दावा कर रहा है कि उसने इस आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तो क्या यह माना जाए कि यह कथित छात्र आंदोलन न ही स्वत: स्फूर्त था और न ही शेख हसीना की सरकार से इस कारण दुखी थे कि वह कथित भ्रष्टाचार कर रही थी या फिर तानाशाही कर रही थी, दरअसल वे शेख हसीना की उस पहचान से दुखी थे, जो उन्होनें अपने पिता शेख मुजीबुर्रहमान से पाई थी और जो पाकिस्तान के अत्याचारों को उजागर करती रहती थी।

जमात-ए-इस्लामी से भी प्रतिबंध हटा और कट्टरपंथियों की मौज

बांग्लादेश को लेकर यदि जमात-उद-दावा यह दावा कर रहा है कि उसने शेख हसीना सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तो वहीं बांग्लादेश में एक और अन्य कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी से भी वहाँ की सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंध हटा दिया है। बांग्लादेश में सुप्रीम कोर्ट भी कट्टरपंथी तत्वों को राहत देता जा रहा है। कुछ दिन पहले ही जमात के ही एक ऐसे कट्टरपंथी नेता आज़हरुल इस्लाम को रिहा किया था, जिस पर 1971 के मुक्ति संघर्ष के दौरान हजारों हत्याओं का आरोप था।

इस फैसले का स्वागत और किसी ने नहीं बल्कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के पूर्व कानूनी सलाहकार आसिफ नज़रुल ने किया था और इस फैसले को सीधे पिछले वर्ष के कथित छात्र आंदोलन का परिणाम बताया था, जिसके कारण शेख हसीना की सरकार 5 अगस्त 2024 को गिर गई थी और उन्हें अपना देश छोड़कर भारत आना पड़ा था।

अब बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2013 में बांग्लादेश उच्च न्यायालय के निर्णय को पलटते हुए बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र माना है। शेख हसीना की सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में जमात-ए-इस्लामी को प्रतिबंधित कर दिया था, मगर इस प्रतिबंध को उसी महीने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने उठा लिया था।

वर्ष 2013 में बांग्लादेश के उच्च न्यायालय ने इस आधार पर जमात-ए-इस्लामी का राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द कर दिया था कि इस दल का चरित्र धर्मनिरपेक्षता के विरोध के कारण असंवैधानिक है। और 2018 में चुनावों से पहले बांग्लादेश के चुनाव पैनल ने औपचारिक रूप से जमात के पंजीकरण को रद्द कर दिया था। जमात ने इसके खिलाफ 3 दिसंबर 2024 को अपील की थी और मई 2025 में इसकी सुनवाई पूरी हुई और सुनवाई के बाद रविवार को यह फैसला सुनाया गया।

बांग्लादेश में जो भी हो रहा है, उससे एक बात तो स्पष्ट है कि कट्टरपंथियों का बोलबाला हो रहा है। पाञ्चजन्य ने अगस्त 2024 से ही यह कहा था कि यह कथित छात्र आंदोलन शेख हसीना को अपदस्थ करने का नहीं, बल्कि कुछ और है और अब जिस प्रकार से जमात-उद-दावा, यह दावा कर रहा है कि यह 1971 का बदला है, उससे पाञ्चजन्य का विश्लेषण और सटीक प्रमाणित हो रहा है।

Topics: 1971 का बदला आंदोलनPakistan revenge BangladeshJamaat-e-Islami ban liftedशेख मुजीबुर्रहमान विरासतBangladesh Islamist politicsIndira Gandhi Bangladesh Liberationमोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकारबंगाल की खाड़ी विभाजनBangladeshi Hindu persecutionशेख हसीना भारत आईंबांग्लादेश छात्र आंदोलन 2024Sheikh Hasina ProtestJamaat ud Dawa Bangladesh
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

चित्र - प्रतीकात्मक

घरों को लूटा..महिलाओं को छेड़ा..और लगा दी आग : बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्यचार, मंदिर भी तोड़ गए कट्टरपंथी

कट्टरता की आग में झुलसता बांग्लादेश

जमात-ए-इस्लामी आखिर चाहता क्या है? बांग्लादेश में क्यों कर रहा ‘कातिलों के इंसाफ’ की बात

Load More

ताज़ा समाचार

Rajkot Nandini Bosamiya Suicide Case Aslam Hussein Sama Live In Partner Torture Investigation

“पापा मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं”: राजकोट में मुस्लिम प्रेमी का टॉर्चर और हिंदू लड़की की मौत, परिजनों को हत्या का शक

Rahul Gandhi

‘कन्फ्यूजन’ या राजनीतिक आरोपों की जल्दबाजी? राहुल गांधी का बयान पर खेद, लेकिन सवाल बरकरार !

Rahul Gandhi

राहुल गांधी ने मानहानि मामले में हाईकोर्ट में लिखित आवेदन देकर बयान पर जताया खेद

50 Years of Emergency India Sunil Ambekar Ram Bahadur Roy Patna Seminar RSS

आपातकाल की सबसे बड़ी सीख : जागरूक समाज ही लोकतंत्र का वास्तविक प्रहरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

रानी दुर्गावती के नाम पर होगा जबलपुर एयरपोर्ट का नाम, केन्द्र को भेजेंगे प्रस्ताव : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

maharashtra government considers printing bride groom dob on wedding cards

महाराष्ट्र में बाल विवाह पर कड़ा प्रहार: शादी के कार्ड पर छपेगी दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि! सरकार ला रही नया नियम

israel will not withdraw from southern lebanon defence minister israel katz

‘अमेरिका कहेगा, तब भी नहीं हटेंगे’ : दक्षिणी लेबनान पर इज़राइल का बड़ा एलान

rashtra sevika samiti praveen shiksha varg concludes nagpur shanta kumari

“वैश्विक संघर्षों के बीच हिंदू जीवन-दृष्टि ही दिखाएगी शांति का मार्ग” : प्रमुख संचालिका शांता कुमारी

AAP MLA Chaitar Vasava Bharuch Court Summons Bharuch Police Case Investigation

जेल में बंद AAP विधायक चैतर वसावा की मुश्किलें और बढ़ीं: अब भरूच कोर्ट ने भेजा समन; पुलिस की बदनामी करने का आरोप!

howrah shibpur tmc leader attacks-bjp supporting locality manoj khan

हावड़ा: शिवपुर में TMC नेता की अगुवाई में हुई भारी बमबाजी और फायरिंग, भाजपा नेता थे निशाना, जमकर लगे मजहबी नारे

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies