देहरादून। पहलगाम नरसंहार के बाद गृह मंत्रालय द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के आदेश के बाद उत्तराखंड पुलिस ने एक पाकिस्तानी महिला को जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले किया है।
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर मजरा में रह रही शाहिदा बानो जिसकी उम्र 29 साल बताई गई है, वह अवैध रूप से उत्तराखंड में रह रही थी। उसके साथ एक बच्चा भी है। शाहिदा का जन्म कराची में हुआ था, उसके अब्बा श्री नगर कश्मीर के रहने वाले थे। उसकी मां कराची में रहती थी। वर्ष 2009 में तीनों श्रीनगर आए। शाहिदा और उसकी मां विजिटर वीजा पर श्रीनगर आए थे, जहां इनके आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य प्रपत्र बन गए। मां की मृत्यु हो गई ,अब्बा के रहते उसका निकाह 2017 में फारुख से हुआ जोकि बूमहान कुपवाड़ा में मैकेनिक का काम करता था। फारुख मूलतः काशीपुर का रहने वाला है और पहले से शादीशुदा था और ये बात शाहिदा को मालूम थी। सर्दियां ज्यादा होने पर शाहिदा अक्सर काशीपुर रहने के लिए आती थी।
इसी दौरान शाहिदा ने भारत में नागरिकता की मांग करते हुए जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र भी दिया, जिस पर सुनवाई विचाराधीन बताई जाती है। शाहिदा बानो को लेकर उत्तराखंड पुलिस की खुफिया एजेंसियों को कोई जानकारी नहीं थी, जबकि वह कई बार काशीपुर आई और यहां रही भी।
पहलगाम घटना के बाद जम्मू पुलिस की सूचना के जरिए शाहिदा की खोजबीन शुरू हुई और तब उसका शौहर फारुख पकड़ में आया। पहले फारुख को बुलाया गया और फिर उसके साथ शाहिदा और उसके बेटे को उत्तराखंड पुलिस ने जम्मू जाकर वहां की पुलिस को सौंप दिया।
जानकारी के मुताबिक इस बारे में उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों में यह संशय बना रहा कि उक्त महिला को पाकिस्तान बॉर्डर पर भेजा जाए अथवा जम्मू कश्मीर पुलिस को सौंपा जाए। बहरहाल शाहिदा फिलहाल जम्मू कश्मीर पुलिस की कस्टडी में है। ऐसा बताया जा रहा है कि उच्च न्यायालय में नागरिकता केस चलने की वजह से उसे पाकिस्तान भेजने में कोई कानूनी अड़चन भी है। इस मामले में उत्तराखंड पुलिस के उच्च अधिकारियों ने पुष्टि की है, खबर है कि इस बारे में खुफिया महकमे की खिंचाई भी की गई है।

















