हिमाचल प्रदेश के शिमला में संजौली स्थित मस्जिद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस मस्जिद को अवैध निर्माण बताया है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड के पास जमीन के मालिकाना हक के कागज नहीं हैं फिर भी वहां मस्जिद बना दी गई। अनुराग ठाकुर ने कहा, देशभर में हजारों ऐसी जगहें हैं, जहां वक्फ बोर्ड ने बिना कागजात के कब्जा कर लिया है। संजौली की मस्जिद भी ऐसे ही अवैध निर्माण का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड कभी भी अपने दस्तावेज नहीं दिखाता।
शिमला नगर निगम की अदालत ने शनिवार को मस्जिद की दो निचली मंजिलों को गिराने का आदेश दिया। यह फैसला इसलिए आया क्योंकि वक्फ बोर्ड जमीन के वैध दस्तावेज और भवन की नक्शा मंजूरी अदालत में पेश नहीं कर पाया।
वक्फ बोर्ड के वकील ने दावा किया कि यहां मस्जिद 1947 से पहले से मौजूद थी और मौजूदा इमारत उसी की जगह बनी है।लेकिन अदालत ने पूछा- अगर इमारत दोबारा बनाई गई थी, तो क्या वक्फ बोर्ड ने नगर निगम से इसकी मंजूरी ली थी? जवाब नहीं मिलने पर अदालत ने इसे नियमों का उल्लंघन माना और तोड़फोड़ का आदेश दिया। एक स्थानीय निवासी की ओर से पेश हुए वकील जगत पाल ने कहा, यह फैसला लंबे समय से चली आ रही वैधता की चिंता को दूर करता है। 15 सालों में वक्फ बोर्ड कोई ऐसा दस्तावेज नहीं दिखा पाया जिससे यह साबित हो सके कि जमीन उनकी है।

















