स्पेन में पिछले 5 वर्षों में 71.4% नौकरियां गईं बाहरी लोगों को?
September 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

स्पेन में पिछले 5 वर्षों में 71.4% नौकरियां गईं बाहरी लोगों को? लोगों में भड़का असंतोष

फाउंडेशन फॉर अप्लाइड इकनॉमिक्स स्टडीस द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2019 से 2024 के बीच जितनी भी नौकरियां पैदा हुईं उनमें से 71.4% नौकरियां बाहरी लोगों के हाथों में गई हैं।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Mar 25, 2025, 11:11 am IST
inविश्व, विश्लेषण
Spain Job

प्रतीकात्मक तस्वीर

शरणार्थियों को लेकर यूरोप में आए दिन असंतोष के मामले सामने आ रहे हैं। अब एक और मामला सामने आया है और यह मामला स्पेन से आया है। स्पेन से नौकरी के संबंध में आँकड़े आए हैं। इन आंकड़ों में एक बहुत ही चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है और इसे लेकर अब स्पेन के स्थानीय नागरिकों में असंतोष पसरा हुआ है।

मीडिया में आई रिपोर्ट्स के अनुसार फाउंडेशन फॉर अप्लाइड इकनॉमिक्स स्टडीज द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार वर्ष 2019 से 2024 के बीच जितनी भी नौकरियां पैदा हुईं उनमें से 71.4% नौकरियां बाहरी लोगों के हाथों में गई हैं।

ईआई डिबेट के साथ एक साक्षात्कार में इंडिटेक्स और बैंको सेंटेंडर में मानव संसाधन के पूर्व निदेशक जेसुएस वेगा ने कहा कि वे लोग वेटरों और राजमिस्त्रियों का आयात कर रहे हैं, जबकि डॉक्टरों और इंजीनियरों का निर्यात कर रहे हैं, जो एक बहुत दुखद घटना है क्योंकि वे लोग डॉक्टर्स और इंजीनियर्स पर बहुत पैसा खर्च करते हैं और वे लोग ऐसी प्रतिभाएं हैं, जिन पर देश का विकास निर्भर करता है!

infowars के अनुसार उन्होनें यह तर्क दिया कि स्पेन की जो श्रम नीतियाँ हैं, वे उन वेतनों को दूर कर रही हैं, जो वास्तव में देश के विकास में योगदान करते हैं।

"We're importing the skill-less third world and exporting the highly skilled 1st world".

71.4% of all new jobs in 5 years went to foreigners in Spain. 7 out of 10 openings snatched from the hands of actual Spaniards. pic.twitter.com/9CLCStWWok

— Dane (@UltraDane) March 22, 2025

यह भी पता चला है कि युवा कामकाजी लोगों की संख्या में कमी आ रही है और लगभग 50 वर्ष की उम्र वाले लोगों के लिए नौकरियां बढ़ रही हैं। युवा लोगों के हाथों से नौकरियां जा रही हैं, उनकी नौकरियों में कमी हो रही है। इसके साथ ही जो लोग बाहर से आ रहे हैं, वे छोटे-मोटे काम करते हैं, जिनके लिए ज्यादा पढ़ाई की जरूरत नहीं होती है। क्योंकि जो अधिकांश लोग बाहर से शरणार्थी आदि के रूप में आए हैं, उनकी शैक्षणिक योग्यताऐं स्पेन के नागरिकों की तुलना में कम होती है।

विशेषज्ञों का यह कहना है कि स्थानीय नागरिकों की तुलना में बाहरी लोगों को जो ज्यादा काम मिल रहा है तो युवा और अधिक उम्र के श्रमिक उस कार्य क्षेत्र से बाहर निकल रहे हैं। और इनमें से कुछ युवा तो स्पेन से पूरी ही तरह से बाहर चले गए हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी एवं जनगणना संस्थान (आईएनई) के प्रवासन बहिर्वाह डेटा से पता चलता है कि 2022 की पहली छमाही में 220,443 लोगों ने देश छोड़ दिया, जो 2013 के बाद से सबसे अधिक आंकड़ा है।

यह ट्रेंड लगभग हर यूरोपीय देश में है, जहां पर शरणार्थियों ने शरण ली हुई है। ऐसा माना जाता है कि ये लोग बहुत कम पैसों में काम करने के लिए तैयार हो जाते हैं और विदेशियों के आने से घर की कीमतों में बहुत वृद्धि होती है और स्थानीय युवाओं के लिए घर खरीदना कठिन होता जाता है।

इस रिपोर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर से बाहरी और स्थानीय जैसे मामलों पर बहस शुरू हो गई है।

Topics: europespainयूरोपrefugeesशरणार्थीस्पेननौकरियांफाउंडेशन फॉर अप्लाइड इकनॉमिक्स स्टडीजरोजगारFoundation for Applied Economics Studiesemploymentjobs
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पुतिन ने किया बड़ा दावा – रूस के साथ हाथ मिलाना चाहते हैं 30 से अधिक देश

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

CAA : बंगाल में शरणार्थियों को जल्द मिलेगी भारत की नागरिकता, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा

सरदार सुरजीत सिंह

विभाजन की विभीषिका : भगाया और घर जलाया

प्रीतम दास चावला

विभाजन की विभीषिका :  उजड़ा घर पर हौसला बना रहा

विभाजन की विभीषिका : हमेशा रहा उजड़ने का दर्द

Employment is not only jobs, समझिए सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत जी ने ऐसा क्यों कहा?

Load More

ताज़ा समाचार

नेतन्याहू vs ममदानी: युद्ध अपराधी कहने पर इजरायली पीएम का तीखा जवाब, कहा-‘मैं आपकी सच्चाई बताने UN आ रहा हूँ’

कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

शौर्य की स्मृति, सेवा का सम्मान

प्रतीकात्मक तस्वीर

UNFPA रिपोर्ट: गाजा में महिलाओं और लड़कियों के साथ यौन शोषण, जबरन निकाह बढ़े – फेमिनिस्ट क्यों मौन?

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में नदियों का स्वास्थ्य परीक्षण, रामगंगा इनीशिएटिव की शुरुआत

Supreme Court

मुस्लिम महिलाओं के साथ विरासत में भेदभाव क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जबाव

मई में चीन में शी नहीं आए थे स्वागत करने, अब अमेरिका में ट्रंप ने खुद बिछाए पलक-पावड़े

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस धू-धूकर जली, 9 की मौत; महिलाएं और बच्चे भी शामिल

जर्मन राजदूत जैस्पर वीक

भारत-जर्मनी पनडुब्बी डील जल्द साइन होगी: 6 सबमरीन, तकनीक ट्रांसफर और एमडीएल की भागीदारी

रूस राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

अमेरिका का दोहरा रवैया: रूसी तेल पर 100% टैरिफ और अब पुतिन को G20 निमंत्रण

आज का श्लोक : संघो ददाति सामर्थ्यं सामर्थ्यात् सर्वयोग्यता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies