महाकुम्भ में गूंजी किलकारियां : संगम तट पर जन्मे कुम्भ, गंगा, भोला, बजरंगी और पूर्णिमा जैसे 13 स्वस्थ शिशु
September 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

महाकुम्भ में गूंजी किलकारियां : संगम तट पर जन्मे कुम्भ, गंगा, भोला, बजरंगी और पूर्णिमा जैसे 13 स्वस्थ शिशु

कुम्भ नगरी में स्नान पर्व शुरू होने से लेकर माघी पूर्णिमा तक बिना ऑपरेशन के 13 स्वस्थ बच्चों के जन्म को संतान सुख पाने वाले दम्पति, परिजन तथा इस तीर्थ भूमि के संत जन दैवीय वरदान से कम नहीं मान रहे।

Written byपूनम नेगीपूनम नेगी
Feb 18, 2025, 04:33 pm IST
inभारत

तीर्थराज प्रयाग में इन दिनों आस्था का महासागर हिलोर ले रहा है। 52 करोड़ का आंकड़ा पार करने के बाद भी पावन त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह पूरे चरम पर है। कुम्भ नगरी में स्नान पर्व शुरू होने से लेकर माघी पूर्णिमा तक बिना ऑपरेशन के 13 स्वस्थ बच्चों के जन्म को संतान सुख पाने वाले दम्पति, परिजन तथा इस तीर्थ भूमि के संत जन दैवीय वरदान से कम नहीं मान रहे। लेकिन; महाकुम्भ के दुखद हादसे पर ओछी राजनीति करने वाली हिन्दू द्वेषी मीडिया और नेता और ऐसी सकारात्मक खबरों पर अपनी जुबान पर ताला लगा लेते हैं।

ज्ञात हो कि 144 वर्ष बाद प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर लगने वाला इस बार का महाकुम्भ मेला अनेक अनोखी घटनाओं का साक्षी भी बन रहा है। कुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर 2 में बना सेंट्रल अस्पताल कई परिवारों के जीवन में खुशियों की सौगात लाने का जरिया बना है। इस अस्पताल में कुल 105 लोगों की टीम तैनात है। इनमें चार स्त्री रोग विशेषज्ञ भी शामिल हैं जिन्होंने इन बच्चों का प्रसव कराया है। इन बच्चों के माता पिता ने इन बच्चों को गंगा मैया का दिव्य आशीर्वाद मान कर इनके नाम कुम्भ, गंगा, भोला, बजरंगी, यमुना, सरस्वती, नंदी, अमृत, बसंत, शंकर, पूर्णिमा, बसंती और कृष्णा रखे हैं। खास बात यह है कि इन सभी बच्चों की नॉर्मल डिलीवरी हुई है और सभी पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

इस सेंट्रल अस्पताल में पहले बच्चे का जन्म 29 दिसंबर को कुम्भ स्नान शुरू होने से पूर्व हुआ था और माघ पूर्णिमा के दिन यहां 13वें बच्चे का जन्म हुआ था। कौशाम्बी की रहने वाली गर्भवती सोनम अपने पति राजा के साथ रोजगार के लिए कुंभ मेले में आई थी। प्रसव पीड़ा होने पर राजा उसे सेंट्रल अस्पताल ले गया जहाँ उसने 29 दिसंबर को एक स्वस्थ लड़के को जन्म दिया और दंपत्ति ने अपने बेटे का नाम ही कुम्भ रख दिया। इसी तरह मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक गर्भवती महिला महाकुम्भ मेले में आयी थीं। त्रिवेणी में स्नान करते समय पेट में दर्द होने पर उन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से सेंट्रल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम उन्होंने सरस्वती रखा। इसी तरह से ग्वालियर की ही सीपी कॉलोनी मुरार की रहने वाली ज्योति शर्मा ने 27 जनवरी को महाकुम्भ नगर के केंद्रीय अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया था। ज्योति 22 जनवरी को महाकुंभ में आई थीं। यहां उनके परिवार के लोग श्रीमद्भागवत कथा कराने के लिये आये थे। ज्योति के ससुर राकेश शर्मा ने बताया कि डॉक्टर ने एक महीने का समय दिया था। उनकी प्रबल इच्छा थी कि बहू को संगम की रेती पर ले जाएं तो गंगा मैया अवश्य कृपा करेंगी। हुआ भी वही। गंगा मैया की कृपा से बहू ने एक स्वस्थ कन्या को जन्म दिया, यह भगवत कृपा ही है। गंगा मैया का प्रसाद मानकर उन्होंने बिटिया का नाम गंगा रखा है।

इसी तरह बांदा से यहां आई शिव कुमारी और लखीमपुर जिले के मैगलगंज की रहने वाली 35 वर्षीय छोटी ने भी स्वस्थ बच्चियों को जन्म दिया जिनके नाम यमुना और शारदा रखे गये। बसंत पंचमी के दिन पैदा हुआ बच्चा बसंत हो गया तो माघी पूर्णिमा पर्व पर जन्मी बच्ची पूर्णिमा हो गयी। इन बच्चों के ये नाम जीवन भर उन्हें और उनके परिजनों को कुम्भ मेले की याद को संजोकर रखने के लिए काफी हैं। महाकुंभ में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तीर्थराज डॉ. वीके मिश्र कहते हैं कि महाकुंभ के पावन अवसर पर गंगा मैया की असीम कृपा दर्जनभर से अधिक गर्भवती महिलाओं पर बरसी। सच ही है की श्रद्धा सच्ची हो तो भगवान का प्रसाद मिलता ही है।

Topics: तीर्थराज प्रयागमहाकुंभ में बच्चों का जन्मभोलाबजरंगीबच्चों के नामगंगासंगमसरस्वतीमहाकुंभत्रिवेणी संगम
Share26
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी से पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने बातचीत की।

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘वंदे मातरम्’ पर भारतवासियों को गर्व 

राखीगढ़ी : धूल हटी तो सच उभरा

संगम तट पर साधु और श्रद्धालु

संगम तट पर कल्प-साधना

प्रयागराज में संगम तट पर लगा माघ मेला

माघ मेला और कल्पवास: सनातन चेतना के दिव्य लोकोत्सव

सपा को वंदे मातरम से चिढ़ : डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का सपा पर हमला, सनातन विरोधी मानसिकता का लगाया आरोप

माघ मेला 2026 शुरू! 15 करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़, संगम पर गंगा पूजन से शुभारंभ

Load More

ताज़ा समाचार

‘धर्म देखकर हत्या स्वीकार्य नहीं’ : ब्रिक्स में भारत की कूटनीतिक जीत: दिल्ली डिक्लेरेशन में पहलगाम हमले की निंदा

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दिल्ली घोषणापत्र जारी : UNSC सुधार, स्थानीय मुद्रा और आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

ब्रिक्स समूह के सदस्यों ने साफ कहा कि आतंकवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पाकिस्तान को कड़ा संदेश : ब्रिक्स देशों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की, कहा- आतंकवाद बर्दाश्त नहीं

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पौधरोपण करते ब्रिक्स समूह के सदस्य।

नई दिल्ली घोषणापत्र पर मुहर: ब्रिक्स नेताओं ने खिंचवाई ‘फैमिली फोटो’, फिर एक खास पौधे से दिया दुनिया को बड़ा संदेश

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (बाएं)।

प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक, सीमा सहित कई मुद्दों पर हुई बात

kisan sangh free uniforms notebooks and bags distributed to 7000 flood affected students

असम: शिवसागर में भारतीय किसान संघ की मानवीय पहल, बाढ़ प्रभावित 7,000 छात्रों को दी जा रही नि:शुल्क सहायता!

dr manmohan vaidya addresses-shikshak and taruni samvad in kashi bhu

विविधता का उत्सव मनाना ही भारतीय संस्कृति है: काशी में बोले मनमोहन वैद्य जी- भारत रूपी बगीचे के हम माली नहीं, पौधे हैं

gorakhpur rss centenary youth conference suryakund-prant pracharak ramesh address

“शाखा गंगा की तरह पवित्र और व्यक्ति निर्माण की कार्यशाला है”: गोरखपुर में RSS शताब्दी वर्ष पर भव्य युवा सम्मेलन

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

BRICS Summit: PM मोदी का वैश्विक सुधारों पर जोर, कहा- विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी में बदलना होगा

मोदी जी ने तप-साधना और संघर्ष से बनाई पहचान : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies