भारत में वक्फ बोर्ड बना 'जमीन का बादशाह' : 9 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन पर कब्जा, वक्फ की JPC रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
September 27, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

भारत में वक्फ बोर्ड बना ‘जमीन का बादशाह’ : 9 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन पर कब्जा, वक्फ की JPC रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

JPC रिपोर्ट में वक्फ बोर्ड के पास 9 लाख एकड़ से अधिक जमीन होने का खुलासा हुआ है। बिहार में 29 हजार बीघा, यूपी में लाखों संपत्तियां व अन्य राज्यों में भी वक्फ की असीमित जमीनें हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

Written byShivam DixitShivam Dixit
Feb 13, 2025, 09:48 pm IST
inभारत, विश्लेषण, दिल्ली
चित्र प्रतीकात्मक

चित्र प्रतीकात्मक

नई दिल्ली/पटना । वक्फ बोर्ड को आखिर इतनी जमीनें कैसे मिलीं..? यह सवाल अब देशभर में गूंजने लगा है। बिहार में वक्फ बोर्ड के पास 29 हजार बीघा जमीन है, जबकि पूरे देश में यह आंकड़ा 9 लाख एकड़ तक पहुंच चुका है। इस संपत्ति को लेकर वक्फ एक्ट में बदलाव की मांग भी तेज हो रही है।

राज्यसभा में गुरुवार को वक्फ संशोधन विधेयक पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट पेश की गई, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। लेकिन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कहा कि रिपोर्ट में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई है और विपक्ष बेवजह हंगामा कर रहा है। इस रिपोर्ट में वक्फ की बेइंतहा जमीनों का भी खुलासा हुआ है। वक्फ बोर्ड भारत का तीसरा सबसे बड़ा भूस्वामी बन चुका है, जिसके पास पूरे देश में 9 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन है।

JPC रिपोर्ट में बिहार का जिक्र खास तौर पर किया गया है। बिहार में वक्फ बोर्ड के पास 29 हजार बीघा से ज्यादा जमीन है। इनमें शिया वक्फ बोर्ड के पास 5 हजार बीघा और सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 24 हजार बीघा जमीन है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में 1672 संपत्तियां शिया वक्फ बोर्ड और 6480 संपत्तियां सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधीन हैं। बिहार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, राज्य में 9273 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है।

देशभर में वक्फ बोर्ड की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा संपत्तियां हैं। यूपी में सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 2,10,239 और शिया वक्फ बोर्ड के पास 15,386 संपत्तियां दर्ज हैं। इतना ही नहीं, यूपी में मथुरा की शाही ईदगाह, वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद, लखनऊ का ऐशबाग ईदगाह और लखनऊ का राजभवन भी वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में गिना जाता है।

वक्फ की संपत्तियां पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी बड़े पैमाने पर फैली हुई हैं। बंगाल में 80,480 और तमिलनाडु में 60,223 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। वहीं केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में 7,85,934 संपत्तियां वक्फ बोर्ड के पास हैं।

अब सवाल यह उठता है कि वक्फ बोर्ड को इतनी बड़ी मात्रा में संपत्ति कैसे मिली..? दरअसल, 1954 में नेहरू सरकार ने वक्फ बोर्ड अधिनियम लागू किया था, जिसके तहत भारत से पाकिस्तान गए मुसलमानों की जमीन को वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया। इसी कानून के बाद वक्फ बोर्ड का पूरे देश में अरबों की जमीन पर कब्जा हो गया।

वक्फ बोर्ड : भारत की जमीन पर कब्जे की साजिश..?

वक्फ बोर्ड को लेकर पूरे देश में विवाद बढ़ता जा रहा है। वक्फ संपत्तियों पर किए जा रहे दावों से आम जनता में आक्रोश है। हाल ही में असम के जमीयत उलेमा प्रमुख मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने यहां तक कह दिया कि नई संसद, वसंत विहार और दिल्ली एयरपोर्ट तक वक्फ की जमीन पर बने हैं। सवाल यह उठता है कि क्या इस्लाम भारत में अरब से जमीन लेकर आया था? क्या वक्फ बोर्ड मनमाने तरीके से देश की संपत्तियों पर दावा ठोक सकता है?

समझी वक्फ बोर्ड का खेल-

भारत में रेलवे और रक्षा विभाग के बाद तीसरा सबसे बड़ा भूस्वामी बन चुका है। लेकिन इसके बावजूद देशभर में नए-नए क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोशिशें जारी हैं। आइए जानते है वक्फ द्वारा किए गए कुछ दावे-

  • दिल्ली : वक्फ बोर्ड ने छह प्रमुख मंदिरों, डीडीए ऑफिस, डीटीसी बस अड्डे और एमसीडी कूड़ाघर तक को अपनी संपत्ति बताया।
  • केरल : मछुआरों के 100 साल पुराने चेराई गांव पर वक्फ ने दावा ठोक दिया, लोग 2022 से अपनी जमीन बेच भी नहीं पा रहे।
  • बिहार : पटना के पास गोविंदपुर गांव को वक्फ संपत्ति बताकर खाली करने का नोटिस जारी किया।
  • मध्य प्रदेश : भोपाल में सरकारी भूमि पर कब्जे की कोशिश, हाई कोर्ट ने बुरहानपुर किले पर वक्फ के दावे को खारिज किया।
  • महाराष्ट्र : सोलापुर में अनुसूचित जाति के 250 से अधिक लोगों को जमीन खाली करने का फरमान जारी किया।
  • कर्नाटक : ईदगाह मैदान विवाद में वक्फ ने बेंगलुरु की सरकारी संपत्ति पर मालिकाना हक जताया।

वक्फ अधिनियम 1995 : मनमानी का कानून..?

वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 40 वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ घोषित करने का अधिकार देती है, जिससे लाखों लोगों की निजी और सरकारी संपत्तियां खतरे में पड़ जाती हैं। इस धारा के कारण कोई भी जमीन कभी भी वक्फ घोषित की जा सकती है। अब जब केंद्र सरकार इस अधिनियम में संशोधन कर इसे न्यायसंगत बनाने की कोशिश कर रही है, तो विपक्ष और इस्लामिक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन अब समय आ गया है कि वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगे।

वहीं JPC की रिपोर्ट के पटल पर सामने आने के बाद सवाल यह उठ रहा है कि क्या वक्फ बोर्ड के पास इतनी संपत्ति होना जायज है..? क्या इन संपत्तियों की समीक्षा नहीं होनी चाहिए..? और क्यों ना इन संपत्तियों का इस्तेमाल जनहित में किया जाना चाहिए  चाहिए..?

सरकार अब वक्फ बोर्ड के विशेषाधिकारों की समीक्षा कर रही है और रिपोर्ट को संसद में चर्चा के लिए पेश किया गया है। वक्फ बोर्ड से जुड़े कई विवाद पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन पहली बार सरकार इसके खिलाफ बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। अब देखना यह होगा कि सरकार वक्फ बोर्ड के ‘जमीन के साम्राज्य’ पर क्या ठोस कदम उठाएगी..?

Topics: JPC रिपोर्ट वक्फबिहार वक्फ संपत्तिवक्फ बोर्ड संपत्तिवक्फ बोर्ड पर सरकार की कार्रवाईवक्फ बोर्ड घोटालाWaqf Board scamवक्फ बोर्ड संशोधनWaqf Act 1995Waqf Board AmendmentWaqf properties in IndiaWaqf Board landJPC report on Waqfwaqf land disputeBihar Waqf landवक्फ जमीन विवादGovernment action on Waqfवक्फ एक्ट 1995भारत में वक्फ बोर्ड
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
Share11
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Shahabuddin Razvi barailvi waqf board scam

‘राम मंदिर से बड़ा घोटाला मस्जिदों और दरगाहों में’, मौलाना ने की वक्फ की जांच की मांग, अखिलेश को भी जोड़ा

कोलकाता में आयोजित एक रैली में उपस्थित लोगों का अभिवादन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 : बंगाल मांगे एक और ‘पोरिबोर्तोन!’

सीएम पुष्कर सिंह धामी

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पारित, यह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं: सीएम धामी

Waqf board JPC meeting Muslim women

वक्फ बोर्ड का 58 हजार संपत्तियों पर कब्जा, 256 ASI संरक्षित इमारतों पर भी दावा : JPC रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

वक्फ बोर्ड

समंदर किनारे 404 एक‌ड़ जमीन पर वक्फ का दावा, 610 हिंदू-ईसाई परिवारों की लड़ाई

कर्नाटक में वक्फ बोर्ड विवाद

कर्नाटक वक्फ बोर्ड विवाद: किसान मांग रहे हैं अपनी जमीन का अधिकार, सरकार ने की समीक्षा की घोषणा

Load More

ताज़ा समाचार

एस जयशंकर, विदेश मंत्री

विदेश मंत्री जयशंकर का UNGA में पाकिस्तान पर बड़ा हमला, कहा-आतंकवाद के साथ दोस्ती नहीं चल सकती, दी ये नसीहत

Iran recloses strait of hormuz

ट्रंप ने खारिज किया ईरान का नया प्रस्ताव, होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु बातचीत पर साफ इनकार

आज का श्लोक : अकृत्वा धीरवीराणां महासंघटनं दृढम्।

आज का राशिफल

27 सितंबर का राशिफल: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन?

आज का इतिहास

27 सितंबर का इतिहास: जानें इस दिन की बड़ी घटनाएं

udupi matrushakti sing bhajans and hanuman chalisa at ram mandir yagashala

अयोध्या: उडुपी से आई 44 मातृशक्तियों ने श्री रामजन्मभूमि में गाये श्री राम के भजन

guwahati university student suspicious death homestay asif ali arrested

गुवाहाटी में हिंदू छात्रा की होमस्टे में संदिग्ध मौत: बॉयफ्रेंड आसिफ गिरफ्तार, मां को फोन कर कहा था- ‘वे मार डालेंगे’

दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: ‘मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत शादी से पॉक्सो और BNS के मामलों में नहीं मिलती छूट’

up mlc election 2026 pankaj chaudhary dharmapal singh awadh

यूपी MLC चुनाव: यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दिए निर्देश- वोटर का मतदान केंद्र तक पहुंचना जरूरी

विश्व की नंबर एक खिलाड़ी अरयाना सबलेन्का ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोई उनके मैच के दौरान वीड यानी गांजा ले रहा था।

यूएस ओपन में टेनिस प्रेमी बदबू से हुए परेशान ? गांजा की भी दुर्गंध, पश्चिम का मीडिया रहा मौन

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies