वाशिंगटन डी.सी. । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% शुल्क और चीन से आयात पर 10% टैरिफ लगाने का आदेश जारी किया। इस फैसले से 2.1 ट्रिलियन डॉलर के वार्षिक व्यापार पर असर पड़ सकता है, जिससे एक नए व्यापार युद्ध की आशंका बढ़ गई है।
🔹 क्या है ट्रंप का बड़ा फैसला..?
IEEPA (अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम) के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा। मेक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% तक शुल्क बढ़ाया जाएगा। चीन से आयातित वस्तुओं पर 10% टैरिफ तुरंत लागू होगा। 4 फरवरी से यह संशोधित शुल्क प्रभावी होंगे। अगर ये देश अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हैं, तो शुल्क दरें और बढ़ सकती हैं।
🔹 क्या कहा ट्रंप ने..?
“हमारे नागरिकों को अवैध अप्रवासियों और जानलेवा ड्रग्स, विशेष रूप से फेंटनल से बचाने के लिए यह कदम जरूरी था। चीन फेंटनल संकट में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है और जब तक चीन हमारी पूरी तरह मदद नहीं करता, 10% शुल्क जारी रहेगा।”
🔹 कनाडा और मेक्सिको पर शुल्क
कनाडा से ऊर्जा उत्पादों पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा। मेक्सिको से आयात पर पूरा 25% शुल्क लगेगा। कनाडा से 800 डॉलर से कम मूल्य वाले छोटे शिपमेंट्स के लिए “डे मिनिमिस” शुल्क छूट को भी रद्द किया जाएगा।
🔹 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा – “हम ऐसा नहीं चाहते थे, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं। मैं जल्दी ही मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाउम से इस मुद्दे पर बात करूंगा”।
🔹 संभावित असर
ट्रंप के फैसले से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के व्यापारिक संबंध बिगड़ सकते हैं। इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए कई उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। वहीँ अब अमेरिकी कंपनियों को मेक्सिको और चीन से आयात होने वाली सामग्रियों पर अधिक खर्च करना होगा।
🔹 चीन पर शुल्क : क्या अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और बढ़ेगा.?
व्हाइट हाउस ने कहा – “चीन को फेंटनल संकट के खिलाफ पूरी तरह से सहयोग करना होगा, नहीं तो यह 10% शुल्क जारी रहेगा।”
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, चीन अवैध ड्रग्स की तस्करी को नियंत्रित करने में असफल रहा है, जिससे अमेरिका में फेंटनल के कारण मौतों की संख्या बढ़ी है।
🔹 अमेरिका-चीन-मेक्सिको-कनाडा व्यापार तनाव : क्या होंगे संभावित प्रभाव.?
मेक्सिको, कनाडा और चीन जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। जिससे अमेरिकी कंपनियों पर बोझ बढ़ेगा और महंगाई बढ़ सकती है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठनों से ट्रंप सरकार को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ सकती है। इसके अलावा अमेरिका में व्यापारिक नीतियों को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।
बरहाल ट्रंप का यह बड़ा कदम अमेरिकी अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचाएगा, या फिर वैश्विक व्यापार संकट को जन्म देगा.? यह तो आने वाले समय में पता चलेगा।











