प्रयागराज महाकुंभ: गंगा के हर घाट पर डुबकी लगाने का संगम जैसा पुण्य, संतों की लोगों से त्रिवेणी पर भीड़ से बचने की अपील
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प्रयागराज महाकुंभ: गंगा के हर घाट पर डुबकी लगाने का संगम जैसा पुण्य, संतों की लोगों से त्रिवेणी पर भीड़ से बचने की अपील

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि "मैं अभी गंगा में डुबकी लगाकर लौटा हूं और मैंने संगम के बजाय पास के गंगा घाट में स्नान करना चुना। मुझे वही आध्यात्मिक लाभ प्राप्त हुआ है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jan 29, 2025, 09:20 am IST
inभारत
Prayagraj Mahakumbh start

महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु

महाकुंभ नगर (प्रयागराज) , (हि.स.)। मौनी अमावस्या के अमृत स्नान के पहले संगम तट के पास हुई भगदड़ पर देश के प्रमुख संतों और प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और कल्पवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रमुख संतों ने कहा है कि महाकुंभ में संगम में डुबकी लगाने का जो पुण्य होता है, वही पुण्य प्रयागराज क्षेत्र में बह रहीं मां गंगा के किसी भी तट पर स्नान करने से होता है। संगम पर बहुत भीड़ है। इसलिए जो जहां पर गंगा घाट के पास है, वहीं डुबकी लगाकर महाकुंभ का पुण्य अर्जित कर जीवन को सुफल बनाएं।

जिस घाट के पास वहां करें स्नान

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धालुओं से आत्म अनुशासन बनाए रख अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रद्धालुगण मां गंगा के जिस भी घाट के समीप हैं, वहीं स्नान करें, संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गए हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है।

संतों ने की अपील

जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने अपील की है कि भारी भीड़ के कारण हमें जहाँ भी स्थान मिले अमृत स्नान करें। आज अमृत स्नान की शोभा यात्रा स्थगित की है। परमेश्वर सभी का कल्याण करें। स्वामी रामभद्राचार्य ने महाकुम्भ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सभी संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें और निकटतम घाट पर स्नान करें। लोग अपने शिविर से बाहर न निकलें। अपनी और एक दूसरे की सुरक्षा करें।

स्वामी रामभद्राचार्य ने महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे सभी संगम में स्नान का आग्रह छोड़ दें और निकटतम घाट पर स्नान करें। शिविरों में रह रहे लोग एक-दूसरे की सुरक्षा करें।

बाबा रामदेव ने कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के इस हुजूम को देखते हुए सभी से आग्रह किया कि हम भक्ति के अतिरेक में न बहें और आत्म अनुशासन का पालन करते हुए सावधानी पूर्वक स्नान करें। जूना अखाड़े के संरक्षक स्वामी हरि​गिरि महाराज ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह प्रयागराज के किसी भी घाट पर डुबकी लगायें उन्हें संगम स्नान का ही पुण्य मिलेगा।

आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने संगम पर हुई भगदड़ के बाद बुधवार को श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “कृपया अफवाहों पर विश्वास न करें और बुजुर्गों और बच्चों को संगम पर न ले जाएं।”

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि “मैं अभी गंगा में डुबकी लगाकर लौटा हूं और मैंने संगम के बजाय पास के गंगा घाट में स्नान करना चुना। मुझे वही आध्यात्मिक लाभ प्राप्त हुआ है।

सुबह 8 बजे तक 2.78 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

मौनी अमावस्या पर्व पर अमृत स्नान की इच्छा से बड़ी संख्या में आये श्रद्धालुओं से प्रयागराज महाकुम्भ पट चुका है। पूरा मेला क्षेत्र श्रद्धालुओं के जयकारे से गूंज रहा है। संगम की रेती पर आस्था का सागर हिलोरें मार रहा है। श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के बाद दान पुण्य कर रहे हैं। श्रद्धालु शांतिपूर्ण तरीके से स्नान कर रहे हैं। मेला प्रशासन के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन सुबह 08 बजे तक 2.78 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी है।

Topics: मौनी अमावस्‍यासंगम स्नानप्रयागराज महाकुंभ
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