सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने उठाए गैर-मांस उत्पादों पर सवाल, कहा- बेसन और सीमेंट हलाल कैसे?
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सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने उठाए गैर-मांस उत्पादों पर सवाल, कहा- बेसन और सीमेंट हलाल कैसे?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हलाल प्रमाणन के दायरे में आटा, बेसन और सीमेंट जैसे उत्पादों को शामिल करने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- "बेसन हलाल या गैर-हलाल कैसे हो सकता है?"

Written byMahak SinghMahak Singh
Jan 21, 2025, 11:13 am IST
inभारत
बेसन और सीमेंट हलाल कैसे?

बेसन और सीमेंट हलाल कैसे?

हलाल प्रमाणन पर विवाद ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई बहस को जन्म दिया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सीमेंट और छड़ जैसे गैर-मांस उत्पादों के हलाल प्रमाणन पर सवाल उठाते हुए इसे अनावश्यक बताया। उन्होंने यह मुद्दा शीर्ष अदालत में उस समय उठाया, जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हलाल प्रमाणन वाले खाद्य उत्पादों के भंडारण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना को चुनौती दी जा रही थी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हलाल प्रमाणन के दायरे में आटा, बेसन और सीमेंट जैसे उत्पादों को शामिल करने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- “बेसन हलाल या गैर-हलाल कैसे हो सकता है?”

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि हलाल प्रमाणन के लिए एजेंसियां शुल्क ले रही हैं, जिससे भारी राजस्व अर्जित हो रहा है।

उन्होंने अदालत के सामने यह मुद्दा उठाया कि जो लोग हलाल उत्पादों में विश्वास नहीं रखते, उन्हें भी हलाल-प्रमाणित उत्पादों के लिए अधिक कीमत क्यों चुकानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल मांस उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य गैर-मांस उत्पादों तक भी पहुंच गया है।

याचिकाकर्ताओं के वकील ने हलाल प्रमाणन को व्यक्तिगत पसंद और स्वैच्छिक बताते हुए कहा कि किसी पर इसे अपनाने के लिए कोई दबाव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जीवनशैली का मामला है और केंद्र सरकार की नीतियों के तहत इसका समर्थन किया जाता है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 18 नवंबर, 2023 को जारी अधिसूचना का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार ने कहा कि यह राज्य का अधिकार क्षेत्र है। केंद्र के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि हलाल प्रमाणन के संबंध में उनकी कोई भूमिका या अधिकार नहीं है।

न्यायालय का निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को जवाब दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च से शुरू होने वाले सप्ताह में निर्धारित की। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से भी इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

Topics: बेसन और सीमेंट हलाल कैसे?Supreme Courtसुप्रीम कोर्टUP Governmenthalalmeatहलाल प्रमाणन हलाल
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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